आबूरोड. शहर में आए दिन मंदिरों तथा घरों में चोरी की घटना के बाद पत्रिका टीम ने रात को शहर के हाल देखे। पुलिस की सक्रियता की पड़ताल की तो हालात बेहद गंभीर नजर आए। प्रमुख चौराहों पर सब कुछ था पुलिस के सिवा। मुख्य मार्ग भगवान भरोसे थे। दिन में जहां पुलिस की मौजूदगी में रहती है, वहां रात को मुंह दिखाई के लिए भी पुलिस नजर नहीं आती। साढ़े दस बजे पारचीसाल से थाने की ओर जाती गाड़ी से तथा पौने एक बजे रीको की एक गली में जरूर पुलिस की सक्रियता नजर आई उसके बाद रात १ बजे तक अलग-अलग इलाकों में जो देखा, उन हालात की रिपोर्ट।
रात ११ बजे तलहटी चौराहा
सिरोही माउंट समेत अन्य स्थानों से आने का मुख्य मार्ग। यहां सुरक्षा इंतजामों के नाम पर महज सड़क पर कुछ बेरिकेडिंग लगे हुए थे, जबकि पूरे रास्ते में एक भी पुलिस कर्मी मौजूद नहीं मिला।
रात ११.२६ मानपुर चौराहा
रेवदर मार्ग की ओर से आने वाला रास्ता जहां से ज्यादातर आदिवासी गांव जुड़े हुए है। यहां दिनभर ट्रेफिक के सिपाही तैनात रहते हैं, लेकिन रात में सिर्फ बेरिकेडिंग ही रखी हुई थी, पुलिसकर्मी मौजूद नहीं था। यहां से उमरनी समेत कई रास्ते आते है, यहां करीब दस से पन्द्रह मीनट तक खड़े रहकर यहां से गुजरने वाले वाहन फर्राटे भरते रहे।
१२ बजे तरतोली मार्ग
यहां कुछ समय पहने साईबाबा तथा गणेश मंदिर में चोरी की वारदात होने के बावजूद यहां एक भी जवान या जीप गश्त करती नजर नहीं आई। यहां से तरतोली तथा मोरथला से भी वाहनों को आते जाते देखा गया, फोरलेन से कई वाहन इस रास्ते होकर शहर में प्रवेश करते है। रात में यहां एक भी पुलिस कर्मी तैनात नहीं था।
१२: १५ अंबाजी पुल
अंबाजी, पालनपुर एवं चांदमारी की ओर जाने वाले रास्ते को जोडऩे वाले क्षेत्र में यहां सूनसान नजर आया, आस-पास की थडिय़ों पर जरूर लोगों को देखा गया, रीको क्षेत्र में यहां का सबसे पॉस एरिया होने के बावजूद यहा शहर, सदर तथा रीको पुलिस का एक भी जवान नहीं दिखा।
१२:३० अंबाजी मंदिर
बस स्टैण्ड व अंबाजी मंदिर के साथ शहर थाना होने के बावजूद यहां पर भी पुलिस की निगरानी नहीं दिखी। यहां लोगों को बसों का इतंजार करते देखा गया, वहीं रेलवे स्टेशन का भी यहीं हाल था। इस मार्ग पर रोशनी के बीच वाहन तेज गति से गुजर रहे थे, पुलिसकर्मियों से लेकर होमगार्ड के जवान नदारद रहे।





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