राजस्थान के इस जिले में फर्जी प्रमाण पत्रों से छात्रवृत्ति उठाने का प्रयास,११४ में ७८ अभ्यर्थियों को अपात्र माना
करौली. अल्पसंख्यक मामलात विभाग केऑनलाइन पोर्टल में सेंध लगाके छात्रवृत्ति हड़पने के प्रयास का मामला सामनेआया है। जिस पर विभाग ने ७८ आवेदनपत्रों को अपात्र मान रिपोर्ट विभाग को भेज दी है। अल्पसंख्यक मामलात विभाग ने पोस्ट मैट्रिक व मैरिट कम मिन्स के तहत दी जाने वाली छात्रवृत्ति के लिए आवेदन ऑनलाइन जमा किए थे। विभाग के जयपुर मुख्यालय ने ११४ आवेदनों को संदिग्ध मान जांच के लिए उन्हें करौली के जिला अल्पसंख्यक अधिकारी कार्यालय के पास भेजा। इनकी जांचके लिए गठित विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों की टीम ने मौके पर सत्यापन शुरू किया। इस दौरान जानकारी सामने आई कि ११४ में ७८ अभ्यर्थी शिक्षण संस्थाओं में पढऩे नहीं आए। इस कारण जांच टीम ने गम्भीर गड़बड़ी मान रिपोर्ट मुख्यालय जयपुर भेज दी है।
यूं आए पकड़ में
हिण्डौन सिटी के एक निजी स्कूल के छात्र के नाम से छात्रा उलेमा बेगम ने छात्रवृत्ति के लिए आवेदन किया, जिसने बैंक खाता नम्बर एसबीआई बैंक पश्चिम बंगाल का लिखा हुआ था। जिसे प्राथमिक तौर पर फर्जी माना गया। अधिकारियों का मानना था कि करौली का विद्यार्थी पश्चिम बंगाल में बैंक खाता क्यों खुलवाएगा। इसी प्रकार निजी आईटीआई के छात्र सिकंदर हुसैन सहित अन्य ने भी इस प्रकार की गड़बड़ी, जिसे भी पकड लिया। पहले जयपुर में इनके कागजातों की जांच की गई, जहां संदिग्ध मान विस्तृत जांच के लिए करौली भेजा गया। करौली के अधिकारियों के द्वारा की गई जांच में ये आवेदन पत्र फर्जी पाए गए।
२० हजार तक मिलती है छात्रवृत्ति
मैरिट कम मिन्स में तकनीकी शिक्षा तथा विज्ञान में स्नातकोत्तर जैसी पढ़ाई के लिए २० से 22 हजार रुपए की तक की छात्रवृत्ति मिलती है। इसके अलावा स्नातक व बाीएड के लिए एक साल के लिए छह हजार, आईटीआई के लिए एक साल को छह तथा कक्षा नौ व आठ के लिए नौ हजार रुपए की छात्रवृत्ति सरकार देती है।
रिपोर्ट जयपुर भेज दी है
११४ आवेदन पत्रों में ७८ अभ्यर्थियों को अपात्र माना गया है। जांच में इनके आवेदन पत्रों में गड़बड़ी पकड़ी गई है।आगे की कार्रवाई अल्पसंख्यक मामलात विभाग जयपुर के अधिकारी करेंगे।
गोविन्द शर्मा कार्यवाहक जिला अल्पसंख्यक अधिकारी करौली





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