अजमेर.
ख्वाजा गरीब नवाज के उर्स के मौके पर दरगाह में की जाने वाली लाइटिंग व डेकोरेशन का कार्य कमरे के विवाद में उलझ गया है। डेकोरेशन करने वाले कर्मचारियों को दरगाह कमेटी की ओर से कमरा नहीं देने पर खादिम आले बद्र ने इस बार लाइटिंग से इन्कार कर दिया है।
वहीं दरगाह नाजिम शकील अहमद भी अड़ गए हैं। उन्होंने साफ कहा है कि खादिम लाइटिंग नहीं करवाएगा तो दरगाह कमेटी स्वयं के स्तर पर लाइटिंग और डेकोरशन करवाएगी।
हर साल होती है लाइटिंग
अंजुमन सदस्य आले बद्र का कहना है कि उनके मेहमान की ओर से उर्स के मौके पर हर साल दरगाह में लाइटिंग व डेकोरशन किया जाता है जिस पर 5 से 7 लाख रुपए खर्च किए जाते हैं। इस कार्य के लिए भीलवाड़ा से कर्मचारी आते हैं।
लाइटिंग और डेकोरशन नहीं
उनके लिए दरगाह कमेटी की ओर से गरीब नवाज गेस्ट हाउस में एक कमरा और महफिल खाने में जगह उपलब्ध करवाई जाती है। इस बार भी इस आशय का पत्र दरगाह नाजिम को दिया गया लेकिन उन्होंने कमरे के लिए मना कर दिया। आले बद्र ने कहा कि इस बार कमरा नहीं मिला तो वह लाइटिंग और डेकोरशन नहीं करवाएंगे।
गेस्ट हाउस मेरा निजी नहीं है। इसमें नि:शुल्क कमरा नहीं दिया जा सकता। उर्स के दौरान होने वाली लाइटिंग का बिल दरगाह कमेटी को ही भरना पड़ता है तो लाइटिंग भी हम करवा देंगे।
-शकील अहमद, दरगाह नाजिम





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