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अजमेर उर्स 2019-कहीं शहनाई की धुन, कहीं कव्वालियों की गूंज

अजमेर.

महान सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती के 807 वें उर्स की रौनक देखते ही बन रही है। उर्स में शिरकत करने के लिए देश-विदेश से जायरीन के यहां पहुंचने का सिलसिला तेज हो गया है। कोई जत्थे के साथ कायड़ विश्राम स्थली में डेरा डाल रहे हैं तो तो कोई होटल, गेस्ट हाउस या धर्मशालाओं में ठहरे हैं। बड़ी संख्या में पैदल यात्री भी यहां पहुंच रहे हैं।

ख्वाजा का दामन नहीं छोड़ेंगे..

उर्स मेला क्षेत्र में जबरदस्त रौनक बनी हुई है। लोग चादर सिर पर रख कर ‘हिन्द के राजा मेरे ख्वाजा...और ख्वाजा का दामन नहीं छोड़ेंगे...’ जैसे नारे लगाते हुए चल रहे हैं तो डोल नगाड़ों के साथ नाचते गाते दरगाह पहुंच रहे हैं। गंज, धानमंडी, दरगाह बाजार, नला बाजार, अंदरकोट, लंगरखाना गली आदि क्षेत्रों में इस तरह के नजारे देखने को मिल रहे हैं। वहीं दरगाह परिसर में कोई शहनाई की धुन में खोया हुआ है तो कोई सूफियाना कलामों पर झूम रहा है। कोई दुआ में खोया हुआ है तो कोई झोली फैला कर मन्नत मांग रहा है। कोई धागा बांध कर कोई खत लिख कर मन्नत मांगते हुए नजर आ रहा है। जन्नती दरवाजे से गुजर कर जियारत करने होड़ मची हुई है।

महफिल और गुस्ल जारी

दरगाह में उर्स की महफिल हुई और मजार शरीफ पर गुस्ल की रस्म अदा की गई। महफिल में शाही कव्वाल देर रात तक अकीदतमंद को झूमने पर मजबूर कर रहे हैं। वहीं दरगाह क्षेत्र में गूंज रही कव्वालियां बरबस ही जायरीन को अपनी ओर आकर्षित कर रही हैं। हर कोई चिश्तिया रंग में डूबा हुआ नजर आ रहा है।

राज्यपाल की पेश हुई चादर
राज्यपाल कल्याण सिंह की ओर से ख्वाजा साहब के उर्स के मौके पर चादर पेश की गई। चादर लेकर राज्यपाल के परिसहाय डॉ. दीपक व राज्यपाल के सहायक निदेशक (जनसम्पर्क) डॉ. लोकेश चन्द्र शर्मा दरगाह पहुंचे। उन्होंने चादर पेश कर राज्यपाल की ओर से भेजा गया संदेश पढ़ कर सुनाया। राज्यपाल ने अपने संदेश में कहा है कि वे प्रदेशवासियों की ओर से दरगाह में चादर पेश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ख्वाजा साहब ने इंसानी मोहब्बत का पैगाम दिया है। गरीब और यतीमों की मदद करने के कारण ही उन्हें गरीब नवाज के रूप में जाना जाता है। राज्यपाल ने प्रदेश में खुशहाली और समृद्धि की दुआ की है और सभी जायरीन को उर्स की मुबारकबाद दी है।

बॉलीवुड की चादर
उर्स के मौके पर बॉलीवुड की चादर दरगाह में पेश की गई। खादिम सैयद कुतुबुद्दीन सखी ने बताया कि चादर का जुलूस निजाम गेट से शुरू हुआ। इसमें मेहराज वारसी एंड पार्टी की ओर से कव्वालियां पेश की गई। मजार शरीफ पर चादर पेश कर बॉलीवुड की सलामती के लिए दुआ की गई।



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