अरविन्द शक्तावत / जयपुर। लोकसभा चुनाव में टिकट की दौड़ में आए भाजपा के दावेदारों की लगभग अंतिम छंटनी की जा चुकी है। भाजपा ने 25 सीटों पर 55 नामों के पैनल को अंतिम मंजूरी दी है। इनमें से 10 सीटों पर मौजूदा सांसद का ही नाम है, जबकि 10 सीटों पर मौजूदा सांसद के साथ 17 अन्य दावेदार टिकट की दौड़ में हैं। शेष 5 सीटों पर मौजूदा सांसद की जगह अन्य 18 दावेदार हैं। इन पांच में से 3 सीट अजमेर, अलवर और दौसा में भाजपा के सांसद नहीं हैं। शेष 2 सीट पर मौजूदा सांसद को मौका नहीं देने का निर्णय किया गया है। भाजपा ने कुछ सीटों पर तो नाम तय किए हैं, लेकिन कुछ सीटों पर जातिगत समीकरण तो कुछ पर प्रतिद्वंद्वी के उम्मीदवार को देखकर नाम तय करने का निर्णय किया गया है।
भाजपा ने भी तमाम रायशुमारी के बाद दावेदारों को अंतिम रूप दिया है। भाजपा की अजमेर, दौसा, अलवर, बाड़मेर, बीकानेर, राजसमंद, चूरू, सीकर, बांसवाड़ा और करौली को लेकर ज्यादा मशक्कत है। इन सीटों पर अब तक एक नाम पर राय नहीं बन सकी है।
तीन मंत्रियों की सीट बदलने पर विचार
केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्रसिंह शेखावत यों तो जोधपुर से सांसद हैं, लेकिन इस बार उनके स्थान पर यहां से विश्नोई समाज को मौका देने पर विचार किया जा रहा है। ऐसे में गजेन्द्र को राजसमंद से मौका दिया जाएगा। हाल में भाजपा से अलग हुए दिग्गज नेता देवीसिंह भाटी के विरोध के कारण केन्द्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल की सीट बदलकर उन्हें श्रीगंगानगर से लड़ाने पर विचार चल रहा है। केन्द्रीय मंत्री सीआर चौधरी की भी सीट बदलने की चर्चा है। उनका नाम नागौर के अलावा अजमेर लोकसभा सीट से भी चर्चा में है।
दीया कुमारी पर होना है फैसला
पार्टी सूत्रों के मुताबिक बड़े नेता जयपुर के पूर्व राजघराने की सदस्य एवं पूर्व विधायक दीया कुमारी को टिकट तो देना चाहते हैं, लेकिन अभी तक उनके लिए कोई सीट तय नहीं हो सकी है। दीया खुद जयपुर से चुनाव लडऩे की इच्छुक हैं। जबकि पार्टी उनके नाम को लेकर जयपुर के अलावा राजसमंद, अजमेर और टोंक-सवाईमाधोपुर से भी विचार कर रही है। पार्टी ने तय किया है कि दीया कुमारी को उसी सीट से चुनाव लड़ाया जाएगा, जहां से वे जीत सकती हैं।





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