नई दिल्ली। दुनियाभर में कई क्रिकेटर ऐसे रहे हैं, जिन्होंने समय से पहले संन्यास का ऐलान कर पूरी दुनिया को चौंकाया है। ऐसे ही खिलाड़ियों में शुमार हैं दक्षिण अफ्रीका के पूर्व खिलाड़ी ग्रीम स्मिथ, जिन्होंने साल 2014 में क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी थी। ग्रीम स्मिथ ने 33 साल की उम्र में क्रिकेट को अलविदा कह दिया था।
फैमिली प्राब्लम की वजह से स्मिथ ने लिया संन्यास
- अपने फैसले को लेकर स्मिथ ने ताजा इंटरव्यू में कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। अपने ताजा इंटरव्यू में स्मिथ ने कहा है कि जिस वक्त उन्होंने संन्यास का ऐलान किया था, उस समय वो और क्रिकेट खेल सकते थे, लेकिन उन्हें पारिवारिक वजहों से फैसला लेना पड़ा।
क्या थी पारिवारिक वजह
- ग्रीम स्मिथ ने इंटरव्यू में कहा, ''मैं 33 साल की उम्र में रिटायर हो गया था और शायद मेरे पास कुछ साल का अच्छा समय बचा था। मैंने 22 साल की उम्र से अपने देश की कप्तानी की। उस समय जीवन की परिस्थितियां सरल नहीं थीं, तलाक हो रहा था और मेरी बेटी गर्म पानी से जल गई।”
कोच से भी मतभेदों को बताया संन्यास की वजह
- इसके अलावा उन्होंने कोच से भी कुछ मतभेदों को संन्यास की वजह बताया है। स्मिथ ने कहा है कि जिस वक्त मिकी ऑर्थर और गैरी कर्स्टन के बाद रसेल डोमिंगो को दक्षिण अफ्रीका का कोच बनाया था। उनके उसके पास कोचिंग का खास अनुभव नहीं था और इसी वजह से कप्तान स्मिथ को काफी परेशानी होती थी। स्मिथ ने कहा, “हमने उस माहौल को मिकी आर्थर और गैरी कर्स्टन के साथ एक सफल समय में बनाया था। हम एक बहुत ही उच्च प्रदर्शन करने वाली टीम थे। जब रसेल डोमिंगो आया, तो मेरे पास 10 कदम पीछे जाने और फिर से शुरू करने की ऊर्जा नहीं थी। वह बहुत अनुभवहीन कोच थे। बहुत सारी चीजें हो रही थीं, जिनसे आप अभी दूर चले गए थे। यही समय सही था और मैंने खेल से दूर जाने का फैसला किया।”
सबसे ज्यादा टेस्ट मैचों में की कप्तानी
आपको बता दें कि ग्रीम स्मिथ सबसे ज्यादा टेस्ट मैचों में कप्तानी करने का रिकॉर्ड अपने नाम कर चुके हैं। उनका करियर भी बहुत शानदार रहा है। ग्रीम स्मिथ ने दक्षिण अफ्रीका के लिए 117 टेस्ट में 9,265 रन और 197 एकदिवसीय मैचों में 6,989 रन बनाए। उन्होंने 109 टेस्ट और 150 वनडे मैचों में अपने टीम की कमान भी संभाली।





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