अलवर. स्वच्छता सर्वेक्षण 2019 में अलवर ने 190 शहरों को पीछे छोड़ा है। अब 376वीं रैंक के काले धब्बे को साफ कर अलवर 186वें नम्बर पर आया है। हालांकि अभी भी अलवर एक लाख से अधिक आबादी वाले 425 शहरों में से काफी पीछे हैं लेकिन, 2017 व 2018 की रैकिंग की तुलना में अच्छा सुधार हुआ है। जिसे कांग्रेस व भाजपा के जनप्रतिनिधि खुद को श्रेय दे रहे हैं। नगर परिषद सभापति अशोक खन्ना का कहना है कि लगातार प्रयास किए और जनता ने सहयोग दिया जिसके कारण सफाई में रैंक सुधरी है। जबकि नेता प्रतिपक्ष नरेन्द्र मीणा का कहना है कि कांग्रेस सरकार के आने के बाद सफाई व्यवस्था में सुधार आया है। यह उसका परिणाम है। यह भी सच है कि नगर परिषद आयुक्त रामकिशोर मीना की मौजूदगी में शहर को साफ सुथरा रखने पर अधिक काम हुआ है। उनके समय में ही जनवरी 2019 में स्वच्छता सर्वेक्षण हुआ है।
अब तक की अलवर की रैकिंग
साल रैकिंग
2017 364
2018 376
2019 186
28 शहरों में से अलवर की तीसरी रेकिंग
एक लाख से अधिक आबादी वाले प्रदेश के 28 शहरों में से अलवर की तीसरी रैकिंग है। जयपुर व उदयपुर के बाद अलवर शहर का नम्बर आया है। हालांकि 2017 व 2018 में अलवर शहर पिछले पायदान पर रहा है।
नम्बर वन लेकर आएंगे
अलवर जिला मुख्यालय को सफाई में नम्बर वन लेकर आएंगे। इस बार पूरे प्रदेश में अलवर तीसरे नम्बर पर आया है। अभी काम की शुरूआत है। आगे और अच्छे परिणाम आएंगे। जनता, विभाग व सरकार मिलकर काम करेगी।
टीकाराम जूली, श्रम मंत्री





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