नई दिल्ली। बीते फसल सत्र में प्याज की कीमतों में बेतहाशा गिरावट के चलते किसानों को करीब 4,200 करोड़ रुपए का नुकसान उठाना पड़ा है। यह बात केंद्रीय कृषि मंत्रालय की एक रिपोर्ट से सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक जनवरी में कृषि बाजार उत्पाद समिति (एएमपीसी) के जरिए 61 प्रतिशत कम करीब 13.22 लाख टन प्याज 13,760 रुपए प्रति टन की दर से बिका था। इससे पहले दिसंबर में 13,310 रुपए प्रति टन के हिसाब से कुल 11.10 लाख टन प्याज की बिक्री हुई थी। यह 2017 में किसानों को मिली प्याज की कीमत के मुकाबले 61 प्रतिशत कम है।
इस साल फसल कमजोर पडऩे का खतरा
इतने बड़े नुकसान के बाद इस साल गर्मी में होने वाली प्याज की फसल के लिए किसानों को बेहतर कीमतें मिलने की उम्मीद है क्योंकि महाराष्ट्र, राजस्थान और गुजरात के काफी हिस्से में सूखे की स्थिति के मद्देनजर फसल कमजोर रहने का खतरा है। ऐसे में कम उपज के कारण किसानों को अच्छी कीमत मिल सकती है।
महाराष्ट्र में 80 तक रहा घाटा
देश के करीब एक-तिहाई प्याज का उत्पादन करने वाले राज्य महाराष्ट्र के किसानों ने कीमतों में सबसे बड़ी गिरावट देखी। यहां 5,180 रुपए प्रति टन की दर से प्याज बिके जो पिछले वर्ष की दर से 80 प्रतिशत कम है। कीमतों में इतनी बड़ी गिरावट का एक कारण ज्यादा उत्पादन बताया गया। पिछले पांच वर्ष के औसत उत्पादन के मुकाबले इस वर्ष प्याज की अनुमानित उपज 12.48 प्रतिशत ज्यादा रही।





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