नई दिल्ली। यूं तो होली प्यार, रंग, उल्लास का त्योहार है। लेकिन क्या आपको पता है कि होली पर जो रंग और गुलाल का खर्च है वो कितना है। आपको जानकर हैरानी होगी केवल ब्रज में ही पूरे देश में मनायी जाने वाली होली के पूरे ख्च का 60 फीसदी हिस्सा यहीं से होता है। आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश का मथुरा, हाथरस और ब्रज गुलाल बनाने का सबसे बड़ा केंद्र है।
सालभर में बनता है 15 हजार टन गुलाल
सदियों से रंग और गुलाल हाथरस में बनते आ रहे हैं। आपको बता दें कि यहां सालभर में करीब 15 हजार टन रंग और गुलाल बनाए जाते हैं। एक आंकलन के आधार पर इसका कुल कारोबार 50 करोड़ से भी ज्यादा का होता है। यही का बना हुआ गुलाल और रंग दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, गुजरात, राजस्थान समेत पूरे देश में सप्लाई होता है।
मंदिरों में होती है सबसे ज्यादा डिमांड
आपको बता दें कि घरों से ज्यादा गुलाल मंदिरों में इस्तेमाल किया जाता है। केवल मथुरा के मंदिरों की बात करें तो अलग-अलग मंदिरों में करीब 500 टन गुलाल उड़ाया जाता है। गौरतलब है कि मथुरा में देश-दुनिया से पहुंचने वाले भक्तों को रंग-गुलाल में सराबाेर करने के लिए सभी बड़े मंदिरों ने करीब 10 टन गुलाल खर्च कर डालते हैं।





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