जयपुर। गुर्जर आरक्षण आंदोलन के खत्म होने के 20 दिन बाद कांग्रेस सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। अब गुर्जरों को सभी भर्तियों में पांच प्रतिशत आरक्षण मिल सकेगा। इसके चलते डीओपी ने आदेश तक जारी कर दिए हैं। राज्य स्तरीय नोडल अधिकारी नियुक्त कर दिए गए। वहीं ज्वाइंट सेकेट्रेरी डीओपी होंगे और राज्य स्तरीय नोडल अधिकारी। 5 प्रतिशत आरक्षण के दायरे में गुजर, गुर्जरों के साथ ही बंजारा, बाल्दिया, लबाना, गाडिया लोहार, गाडोलिया, रायका, रेबारी, देबासी, गडरिया, गाडरी व गायरी जातियां भी शामिल है।
इससे पहले साल 2019में गुर्जरों ने सवाईमाधोपुर से आंदोलन की शुरुआत की थी। गुर्जर नेता कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला (Kirori Singh Bainsla) के नेतृत्व में गुर्जर रेल की पटरियों पर जा बैठे थे। इससे काफी दिनों तक रेल व सड़क यातायात काफी प्रभावित हुआ था। सरकार से वार्ता के बाद गुर्जर नेता कर्नल बैसला ने 16 फरवरी को आंदोलन समाप्ती की घोषणा की थी। इसी के साथ आठ दिनों से लगातार जारी गुर्जर आंदोलन नवें दिन शनिवार को समाप्त हो गया था। गुर्जर नेता बैंसला ने कहा था कि सरकार ने हमारी सभी मांगे मान ली है। मंत्री विश्ववेंद्र सिंह ने गुर्जर नेताओं को सरकार का ड्राफ्ट सौंपा।
विश्वेन्द्र सिंह के अलावा नीरज के पवन, आईजी भूपेंद्र साहू, जिला कलक्टर डॉ. एसपी सिंह भी ट्रैक पर पहुंचे थे। इससे पहले भी गुर्जर आरक्षण की आग प्रदेश में कई बार सुलग चुकी है। आंदोलनकारी उग्र होकर सड़कों और रेलवे ट्रेक को जाम कर देते थे। हालांकि सरकार की ओर से आंदोलन खत्म कराने के लिए प्रयास चलते रहे।





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