बीकानेर. 'घूंघट का पट खोली प्यारी, परण्या लागै सदा ही प्याराÓ और 'काकी हुकम देवो तू लूटुं आगरो Ó सरीखे गीत-संवादों से रम्मतों के अभ्यास परवान पर है। एक ओर जहां स्वांग मेहरी रम्मतों के ख्याल, लावणी और चौमासा गीत गूंज रहे है वहीं अमर सिंह राठौड़ रम्मत के वीर रस के दोहों, संवादों से हर कोई रोमांचित हो रहा है।हेडाऊ-मेहरी के प्रेम शृंगार के गीतों की मिठास से हर कोई आकर्षित हो रहा है वहीं नौटंकी रम्मत के संवादों और लावणी का गायन चल रहा है। रम्मत उस्तादों के नेतृत्व में हर बोल, संवाद, गीत और नृत्य का बारीकी से अभ्यास किया जा रहा है।
नगाड़ा, छमछमा, हारमोनियम की संगत पर देर रात तक निर्धारित स्थलों पर रम्मतों के अभ्यास चल रहे है। रम्मतों का आगाज नत्थूसर गेट के अंदर अष्टमी तिथि को होने वाली फक्कड़दाता की रम्मत से होगा। होलाष्टक में बिस्सों का चौक, आचार्य चौक, मरुनायक चौक, कीकाणी व्यास चौक, बारह गुवाड़ चौक, भट्ठड़ो का चौक में नौटंकी शहजादी, अमर सिंह राठौड़, हेडाऊ मेहरी, स्वांग मेहरी, भक्त पूरणमल रम्मतों के मंचन होंगे।





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