बीकानेर राजस्थान पत्रिका अपने सामाजिक सरोकारों के कार्यक्रमों की शृंखला में बीकानेर की होली को यादगार बनाने के लिए होली रसिकों को एक मंच पर लाने का प्रयास आज सार्थक हुआ। शहर के विभिन्न मोहल्ले में होने वाली सभी रम्मतों के कलाकार एक ही स्थान पर उपस्थित होकर समारोह को यादगार बना दिया। मंगलवार को जस्सूसर गेट स्थित सीताराम भवन भाग-2 में हुए कार्यक्रम में होली के बीकानेरी रंग को समाहित करते हुए होली के रसिकों का सम्मान किया गया। शहरी क्षेत्र में वर्षों पुरानी रम्मत और ख्याल परंपरा के कलाकार ने मंच पर पहुंच कर उसे रोशन कर दिया। वहीं अपने विशिष्ट और अनूठे रूप धरने वाले स्वांग भी अपनी उपस्थिति से सभी को रोमांचित कर दिया। चंगबाजों की टोली को भी सम्मानित किया गया। शहर में रम्मतों के कलाकारों की तीन पीढिय़ों का संगम देखने को मिला। कार्यक्रम में दादा व पोता एक साथ मंच पर सम्मानित हुए। साथ ही सैकड़ों वर्षों से परंपरा को पुष्ट करने वाले पानी-डोलची के खेल से जुड़े संस्थानों को भी इस अवसर पर सम्मानित किया गया।
होली के रंगा-रंग कार्यक्रम को शालीनता के साथ मनाते हुए शहरी क्षेत्र में नया वातावरण बनाने वाली संस्थाओ का भी अभिनंदन किया गया। संस्थाओं का सम्मान होली रसिक व समाजसेवी जुगल किशोर ओझा (पूजारी बाबा), वरिष्ठ अधिवक्ता हीरालाल हर्ष, जिला उद्योग संघ के अध्यक्ष डी.पी.पच्चीसिया ने सम्मानित किया। इस अवसर पर वीणा कला केन्द्र के कलाकारों ने लोक-संस्कृति से रसे-बसे गीतों व नृत्यों की प्रस्तुती दी। कार्यक्रम का संचालन राजस्थान पत्रिका इवेंट प्रभारी रविन्द्र हर्ष ने किया। आभार राजस्थान पत्रिका के मुख्य उप संपादक दिनेश स्वामी ने ज्ञापित किया। पुरस्कार सहयोगी बेसिक इंग्लिश सी.सै. स्कूल रहा।





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