सैकड़ों लीटर व्यर्थ बहता है पानी, नहर बंदी में भारी पड़ेगी अनदेखी
-शहर में जगह-जगह लीकेज, रोजाना पानी की बर्बादी
-नहर बंदी में लीकेज बढ़ा देंगे पानी की समस्या
बाड़मेर पत्रिका. इंदिरा गांधी लिफ्ट केनाल परियोजना के तहत नहर की सफाई के कारण 26 मार्च से नहरबंदी की गई है, जो कि आगामी एक माह तक लागू रहेगी। ऐसे में जलदाय विभाग ने आमजन से पानी की बचत करने की अपील की है, लेकिन शहर में जगह-जगह हुए लीकेज से प्रतिदिन सैकड़ों लीटर पानी की बर्बादी हो रही है। इसको लेकर न तो विभाग को चिंता है और ना ही प्रसाशन को कोई फिक्र। लीकेज के कारण जलापूर्ति के समय पानी व्यर्थ बह रहा है।
शहर के चौहटन चौराहे पर बने अम्बेडकर सर्कल के सामने कई महीनों से लीकेज है। कई बार शिकायत भी की गई, लेकिन समाधान आज तक नहीं हुआ। इससे आगे चामुंडा चौराहे के पास कृषि मंडी सर्विस रोड पर लगभग 6 माह से लीकेज से पानी व्यर्थ बह रहा है। इसे भी दुरुस्त नहीं किया गया है। पुराने आरटीओ ऑफिस व महिला थाने के पास तो 4-5 जगह पर लाइन क्षतिग्रस्त है। यहां सभी स्थानों पर नहरी पानी की बर्बादी हो रही है।
यहां से शहर भर होती जलापूर्ति
महिला थाने के पास बने जीरो पॉइंट से शहर सहित ग्रामीण इलाकों में मीठे पानी की आपूर्ति हो रही है। यहां पर लीकेज से प्रतिदिन सैकड़ों लीटर पानी व्यर्थ बह रहा है। इसके बाद भी जिम्मेदारों को इसकी चिंता नहीं है। लम्बे समय से लीकेज के कारण सड़कें क्षतिग्रस्त हो चुकी है, लेकिन विभाग के अधिकारी नहीं जाग रहे हैं।
लीकेज दुरुस्त की जिम्मेदारी इनकी
शहर के विभिन्न इलाकों में हुए लीकेज को दुरुस्त करने का जिम्मा जलदाय विभाग व एनएचएआइ का है, लेकिन दोनों विभाग एक-दूसरे पर इसकी जिम्मेदारी डाल रहे हैं। एेसे में लीकेज दुरुस्त नहीं हो रहे, एेसे में भुगतना तो उपभोक्ताओं को पड़ रहा है। आखिर में पानी की किल्लत तो उन्हें ही झेलनी पड़ेगी।





No comments:
Post a Comment