कोटा. युवती से बलात्कार के करीब सवा तीन वर्ष पुराने मामले में न्यायालय ने शुक्रवार को एक जने को दस वर्ष के कठोर कारावास व एक लाख रुपए के अर्थदंड से दंडित किया।
पोक्सो न्यायालय के विशेष लोक अभियोजक कमलकांत शर्मा ने बताया कि रेलवे कॉलोनी थाना क्षेत्र में पीडि़ता के पिता ने दर्ज करवाए मामले में बताया कि थाना क्षेत्र में न्यू रेलवे कॉलोनी निवासी इमरान अली व इल्लू से उनके पारिवारिक संबंध थे। ऐसे में उनका घर आना-जाना लगा रहता है। आरोपी 21 दिसम्बर 2015 को उसके घर आया। तब वह घर पर मौजूद नहीं था। इस दौरान इमरान ने लड़की से कहा कि तुम्हारे और मेरे पिता दोस्त है। इसे रिश्तेदारी में बदल देते है। उसकी लड़की को कोर्ट में शादी करने के बहाने बाइक पर बैठाकर मील वाले बाबा कब्रिस्तान के पीछे जंगल में ले गया और उसके मुंह में कपड़ा ठूंसकर उससे जबरन बलात्कार किया। इस दौरान इल्लू को उसने बाहर चौकीदार बनाकर खड़ा कर दिया। घर आकर पीडि़ता ने परिजनों को घटना के बारे में जानकारी दी। इस पर थाने में मामला दर्ज कराया गया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में चालान पेश किया। इस मामले में पोक्सो न्यायालय क्रम-2 के विशेष न्यायाधीश गिरीश अग्रवाल ने 16 गवाहों के बयान के आधार पर शुक्रवार को आरोपी को 10 वर्ष के कठोर कारावास व 1 लाख रुपए के अर्थदंड से दंडित किया।
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बारां. विशेष न्यायाधीश पोक्सो क्रमांक दो राकेश कटारा ने अन्तरराष्ट्रीय महिला दिवस के दिन शुक्रवार को बलात्कार के एक आरोपी को 10 वर्षके कठोर कारावास व 25 हजार रुपए के जुर्माने की सजा से दंडित किया है।
अपरलोक अभियोजक तेजेन्द्र शर्मा ने बताया कि 15 सितम्बर 2016 को एक परिवादी ने बारां सदर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि सुबह उसकी पत्नी खेत पर कार्य करने चली गई थी। वह शोच के लिए घर से बाहर गया था। वापस लौटने पर उसे घर का दरवाजा अंदर से बंद मिला। घर से उसकी सोल वर्षीय पुत्री के चिल्लाने की आवाज आई। जैसे-तैसे वह घर का दरवाजा खोलकर अंदर पहुंचा तो उसे कमरे में फतेहपुर गांव निवासी रामस्वरूप माली दिखाई दिया, जो उसकी पुत्री के साथ बलात्कार कर रहा था। वह रामस्वरूप पकड़कर कमरे के बाहर लाया। उसने सदर थाना बारां में मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई। अनुसंधान के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में चालान पेश किया था। न्यायालय में मामले के विवेचन के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से 14 गवाह न्यायालय में पेश किए गए। इनके आधार पर न्यायालय ने दोष सिद्ध होने अभियुक्त को सजा सुनाई है।





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