अजमेर.
सूफी संत ख्वाजा मोईनुद्द्दीन चिश्ती के शहर में बहुप्रतीक्षित गरीब नवाज यूनिवर्सिटी का शिलान्यास हो चुका है। केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलात मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने विधि-विधान से कायड़ विश्राम स्थली में यूनिवर्सिटी की नींव रखी। यह यूनिवर्सिटी अपने नाम के अनुरूप दुनिया को सूफियत का पैगाम देगी।
केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने हाल में कहा था कि ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती ने 807 वर्ष पूर्व दुनिया को सूफियत से रूबरू कराया। उन्होंने शांति, सौहार्द और भाईचारे को बढ़ाने की सीख दी। अजमेर में खुलने वाली गरीब नवाज यूनिवर्सिटी उनके नाम और शिक्षाओं के अनुरूप होगी। इस यूनिवर्सिटी में आधुनिक पाठ्यक्रम चलेंगे, जिससे युवाओं को लाभ मिलेगा। यूनिवर्सिटी अपने नाम के अनुरूप वैश्विक पहचान कायम करे इसको लेकर सबको प्रयास करने होंगे। इसको ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार और दरगाह कमेटी यूनिवर्सिटी का प्लान तैयार करने में जुटे हैं।
शुरू होंगे कई कोर्स
यूनिवर्सिटी में कई आधुनिक कोर्स शुरू होंगे। इनमें इंजीनियरिंग, डिप्लोमा के अलावा मेडिकल कोर्स भी शामिल होंगे। अल्पसंख्यक वर्ग के अलावा अन्य संवर्गों के विद्यार्थियों को इसका लाभ मिल सकेगा।





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