सीकर/धोद.
तीन लाख आठ हजार रुपए की लूट हो जाने और इसके बाद पुलिस की ओर से मामले में सहयोग नहीं करने से परेशान होकर युवक ने आत्महत्या कर ली। हालांकि मौत को गले लगाने से पहले युवक ने सुसाइड नोट लिखा था। जिसमें उसने धोद एसएचओ व केदार नाम के व्यक्ति पर उसे गुमराह करने के आरोप लगा रखे हैं। इधर, घटना के बाद मृतक के परिजनों ने एसएचओ को निलंबित करने तथा युवक की मौत के पीछे जिम्मेदार रहे लोगों को गिरफ्तार करने की मांग करते हुए उसका शव लेने से मना कर दिया। जानकारी के अनुसार भैरूपुरा गांव में युवक बलबीर नाम के व्यक्ति ने अपने घर में ही फंदा लगाकर अपनी जान दे दी थी। परिजनों का कहना था कि बलबीर फाइनेंस कंपनी में काम करता था। चार दिन पहले एक बाइक सवार उसकी आंखों में मिर्च पाउडर डालकर फाइनेंस कंपनी के तीन लाख आठ हजार रुपए लूट ले गया था। घटना के बाद पीडि़त बलबीर रुपए लूटने की शिकायत लेकर धोद थाना पहुंचा था। यहां थानाधिकारी सुरेश चौहान ने उसकी सुनवाई नहीं की और जांच करने के बाद लूट का मुकदमा दर्ज करने की बात कही। इधर, फाइनेंस कंपनी के प्रतिनिधियों ने बलबीर पर लूट के रुपए जमा कराने का दबाव बनाना शुरू कर दिया था। अन्यथा लूट की दर्ज एफआइआर मांगने लगे थे। लेकिन, दोनों ही काम पूरे नहीं होने पर बलबीर अवसाद में आ गया और उसने आत्म हत्या कर ली।
मेरी कोई गलती नहीं
सुसाइड नोट में बलबीर ने लिखा है कि सबने उसको झूठा साबित कर दिया। केदार नाम के व्यक्ति ने उसको रुपए दिला देने की बात कही थी। इधर, थानाधिकारी उसी पर झूठ बोलने का आरोप लगा रहा था। इसलिए मैं आत्म हत्या कर रहा हूं। इसमें मेरी कोई गलती नहीं है। जो लिख रहा हूं, सच लिख रहा हूं। सुसाइड नोट में अंत में उसने जयहिंद लिखा है।
मौके पर पहुंचे अधिकारी
परिजनों की ओर से शव नहीं लेने पर सीओ ग्रामीण कमल सिंह को मौके पर भिजवाया गया। लेकिन, परिजन नहीं माने और लोसल सीएचसी से शव उठाने के लिए मुकर गए। पुलिस का कहना है कि सुबह परिजनों से समझाइश की जाएगी। मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं।





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