Breaking News
recent

संतोष अहलावत चौथी सांसद जिसका जीतने बाद टिकट कटा


कन्हैयालाल, भीमसिंह व जगदीप धनकड़ का भी कट चुका टिकट
इतिहास के झरोखे से

राजेश शर्मा

झुंझुनूं.
जिले की राजनीति में जीतने वाले सांसद का टिकट कटना कोई नई बात नहीं है। पहले भी तीन जीते हुए सांसदों के टिकट कट चुके। इसका एक बार पार्टी को फायदा हुआ तो नुकसान भी उठाना पड़ा। खास बात यह है कि जिन चारों जीते हुए सांसदों के टिकट कटे, वे चारों ही गैर कांग्रेसी हैं। वर्तमान सांसद संतोष अहलावत से पहले कन्हैयालाल, भीमसिंह व जगदीप धनकड़ का टिकट भी आलाकमान काट चुका है।
राजनीति के जानकारों के अनुसार वर्ष 1977 में कांग्रेस के खिलाफ देशभर में जोरदार लहर थी। भारतीय लोकदल के टिकट पर कन्हैयालाल ने 64.44 फीसदी वोट लेकर कांग्रेस के शिवनाथ सिंह गिल को जोरदार पटखनी थी। कन्हैयालाल ने कुल मतों के प्रतिशत के हिसाब से अब तक सबसे ज्यादा करीब 64.44 फीसदी मत लिए थे। कन्हैयालाल को जनता पार्टी का भी समर्थन था। लेकिन अगले ही चुनाव(1980) में जनता पार्टी ने कन्हैयालाल का टिकट काट दिया। भीमसिंह को अपना प्रत्याशी बनाया। टिकट काटना सही रहा। त्रिकोणीय मुकाबले में जनता पार्टी के भीमसिंह 33.38 फीसदी वोट लेकर विजेता बने। इस चुनाव में कांग्रेस यू की सुमित्रा सिंह को 31.54 तथा कांगे्रस आई के शीशराम ओला को 28.70 फीसदी वोट मिले।
ओला तीसरे स्थान पर रहे।

वर्ष 1984 के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी का गठन हो चुका था। जीते हुए सांसद भीमसिंह को ना जनता पार्टी ने टिकट दिया ना ही भाजपा ने। भीमसिंह का जीतने के बावजूद टिकट काट दिया गया। इस चुनाव में कांग्रेस के कैप्टन अयूब खान विजेता रहे। लोकदल की सुमित्रासिंह दूसरे, भाजपा के कुंदन सिंह तीसरे तथा जनता पार्टी के वीरेन्द्र प्रताप सिंह चौथे स्थान पर रहे।
इसके बाद वर्ष 1989 के चुनाव में जनता दल के टिकट पर जगदीप धनकड़ ने चुनाव जीता। उन्होंने कांग्रेस के कैप्टन अयूब खान को हराया। 1989 में भाजपा ने अपना प्रत्याशी मैदान में नहीं उतारा था। धनकड़ का समर्थन किया था।
इसके बाद 1991 में चुनाव हुए। इस चुनाव में जीते हुए सांसद धनकड़ का टिकट काट दिया गया। धनकड़ की जगह डॉ चंद्रभान को टिकट दिया गया, लेकिन चंद्रभान को बुरी तरह हार का सामना करना पड़ा। चंद्रभान 54963 मतों पर सिमट गए। भाजपा ने मदनलाल सैनी(वर्तमान में प्रदेश अध्यक्ष भाजपा) को मैदान में उतारा, लेकिन जीत कांग्रेस के अयूब खान को मिली। 2014 के चुनाव में मोदी लहर में भाजपा की संतोष अहलावत ने कांग्रेस के दिग्गज नेता शीशराम ओला की पुत्रवधू राजबाला ओला को बड़े अंतर से हराया। अहलावत ने जिले में पहली बार भाजपा का कमल खिलाया था, लेकिन आलाकमान ने उनका टिकट काट दिया। टिकट काटने का फायदा होगा या नुकसान इस बात का पता को परिणाम वाले दिन ही लगेगा।
------------------------
झुंझुनूं से अब तक रहे सांसद...
वर्ष सांसद पार्टी
1952- राधेश्याम आर मोरारका (कांग्रेस)
1957-राधेश्याम आर मोरारका (कांग्रेस)
1962-राधेश्याम आर मोरारका (कांग्रेस)
1967-आरके बिरला (स्वतंत्र पार्टी)
1971-शिवनाथ सिंसह (कांग्रेस)
1977-कन्हैयालाल (भारतीय लोकदल)
1980-भीमसिंह-(जनता पार्टी)
1984-मो- अयूब खान, (कांग्रेस)
1989-जगदीप धनखड़ (जनता दल)
1991-मो. अयूब खान (कांग्रेस)
1996-शीशराम ओला-(कांग्रेस ति.)
1998-शीशराम ओला (कांग्रेस सेक्यूलर)
1999-शीशराम ओला (कांग्रेस)
2004-शीशराम ओला (कांग्रेस)
2009-शीशराम ओला (कांग्रेस)
2014-संतोष अहलावत (भाजपा)



Rajasthan Darpan IFTTT

Rajasthan Darpan IFTTT

No comments:

Post a Comment

Powered by Blogger.