जयपुर।
राजस्थान समेत पूरे देश में अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस बड़े उत्साह के साथ मनाया गया। हर जगह महिलाओं को प्रोत्साहित करने के लिए अलग-अलग जगह कार्यक्रम हुए। वहीं राजस्थान के शिक्षा मंत्री गोविन्द सिंह डोटासरा ने महिला शिक्षकों को प्रोत्साहित करते हुए उन्हें शिक्षक सम्मान में प्राथमिकता दिए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने घोषणा की है कि शिक्षक दिवस पर सम्मानित होने वाले शिक्षकों में महिलाओं की विशेष भागीदारी रखी जाएगी।
अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर शुक्रवार को उन्होंने यह घोषणा करते हुए कहा कि शिक्षकों का सम्मान राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। शिक्षक ही समाज की नीवं तैयार करते हैं। देश के भविष्य बच्चों को शिक्षित कर उन्हें जागरूक नागरिक बनाने का कार्य वही करते हैं।
उन्होंने शिक्षक सम्मान के अंतर्गत अब प्रतिवर्ष 30-40 शिक्षकों के सम्मान की बजाय 1 हजार से 1500 तक की संख्या में उन्हें सम्मानित किये जाने के भी निर्देश दिए है। राज्य में ब्लॉकवार विभिन्न श्रेणियों में एक-एक शिक्षक का चयन कर उसे सम्मानित किया जाएगा। इसके तहत प्रत्येक ब्लॉक में एक-एक व्याख्याता, वरिष्ठ अध्यापक, अध्यापक तथा शारीरिक शिक्षकों को सम्मानित किया जाएगा। इस तरह से सम्मानित होने वालों मानदंडो के अंतर्गत 33 प्रतिशत वरीयता महिलाओं को दी जाएगी।
मंत्री डोटासरा ने बताया कि शिक्षक दिवस पर सम्मानित होने वाले शिक्षकों के चयन के अंतर्गत शिक्षकों के अकादमिक स्तर यानी 10 वीं से अंतिम परीक्षा तक उसके प्राप्तांक, गत तीन वर्ष के परीक्षा परिणाम एवं स्वयं की उपलब्धियॉं, भामाशाहों को प्रोत्साहन करने में उसके योगदान, विद्यालयों के भौतिक विकास में व्यक्तिगत सहयोग, सहषैक्षिक और शैक्षिक गतिविधियों में सक्रियता एवं योगदान, शिक्षक की व्यावसायिक नैतिकता, विभागीय अधिकारियों, सहयोगियों एवं समाज में शिक्षक के प्रति राय आदि को भी विषेष रूप से देखा जाएगा। शिक्षकों का चयन इस तरह से तय मानदंडों के आधार पर ब्लॉक, जिला, संभागीय एवं राज्य स्तर पर कर उन्हें सम्मानित किया जाएगा।





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