सीकर.
बाइक पर स्कूल से घर लौट रहे दो चचेरे भाइयों की रोडवेज से कुचलने पर मौत हो गई। कक्षा 10वीं के दोनों छात्र परीक्षा देकर बाइक पर आ रहे थे। सामने से आ रही रोडवेज बस का लोहे का एंगल अचानक टायर में फंस जाने से उसका टायर फट गया था। इससे बस अनियंत्रित हो गई और सामने से आ रही बाइक को टक्कर मार दी थी। घटना के बाद दोनों भाइयों को घायल अवस्था में एसके अस्पताल लाया गया। जहां उपचार के दौरान दोनों की मौत हो गई। पुलिस के अनुसार कदमा का बास के रहने वाले दोनों चचेरे भाई भागचंद व युवराज शुक्रवार को कक्षा 10वीं की परीक्षा देने सेंटर काशी का बास गए थे। वहां से वापस बाइक पर घर लौट रहे थे। दुजोद गांव के पास डीडवाना आगार डिपो की रोडवेज बस सामने से आ रही थी। जो अचानक अनियंत्रित हो गई और सामने से आ रही बाइक को चपेट में ले लिया। मौके पर मौजूद लोगों का कहना था कि रोडवेज बस के टायर के पास लगा लोहे का एंगल टूटकर टायर में घुस गया था। इस कारण चलती बस का टायर फट गया और वह अनियंत्रित हो गई। इधर, चलती बस झोले खाने लगी तो उसमें सवार यात्री भी घबरा गए। हालांकि बाइक को टक्कर मारने के बाद बस वहीं रूक गई। अन्यथा और भी बड़ा हादसा हो सकता था। हादसे के बाद रोडवेज चालक मौके से फरार हो गया और पुलिस ने बस व बाइक को जब्त कर लिया।
रंग खेलकर खींची थी फोटो
युवराज और भागचंद दोनों अक्सर साथ ही रहते थे। दोनों ने धुलंड़ी के दिन थोड़ी देर आपस में रंग भी खेला था। इसके बाद सेल्फी लेकर वापस परीक्षा की तैयारी में जुट गए थे। लेकिन, इनको क्या पता था कि कक्षा 10वीं की परीक्षा देने के बाद वे जिदंगी की परीक्षा में फेल हो जाएंगे।
एक ही चिता पर अंतिम संस्कार
घटना के बाद दोनों मृतकों का अंतिम संस्कार एक ही चिता पर हुआ। इनके चाचा बाबूलाल व सोलाराम ने बताया कि युवराज अपने माता-पिता की इकलौती संतान था। इनके पिता राजेंद्र कुमार अधिवक्ता है। जबकि मृतक भागचंद तीन भाई-बहनों में सबसे छोटा था। भागचंद के पिता गोपालराम विदेश रहते थे। इनकी एक साल पहले मौत हो गई थी।
हादसे के बाद दोनों परिवारों में कोहराम मच गया। सदमे से गांव के लोग भी उभर नहीं पा रहे हैं।





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