सीकर.
रैवासा गांव में वात्सल्य सेवा समिति की ओर से अनाथ बच्चों के लिए आशियाना बनाया जा रहा है। इस निर्माणाधीन भवन की नींव २०१६ में आचार्य वर्धमान सागर महाराज की प्रेरणा और आशीर्वाद से रखी गई थी। संस्थान का निर्माण कार्य पूरा होने पर इस संस्थान में 50 अनाथ बच्चों को रखा जा सकेगा। संस्थान में बच्चों के लिए निशुल्क शिक्षा, भोजन, आवास, कपड़े अैर खेलने एवं झूलों की व्यवस्था की जाएगी।
यह भवन पूर्णत: वातानुकूलित होगा। वात्सल्य धाम रैवासा में विशिष्ट सदस्य गुवाहाटी, विजयनगर, किशनगढ़, डिब्रूगढ़, दिल्ली, दीमापुर बेंगलुरु, सूरत, शिलांग, जयपुर, हैदराबाद, मुंबई आदि स्थानों के हैं। जल्द ही वात्सल्य धाम रैवासा का शुभारंभ होगा। संस्थान के सदस्य मनोज बज, महेश बाकलीवाल, डॉ. प्रदीप जैन, वैभव पाटोदी, विनय कालिका, अमित छाबड़ा, अरुण पिराका, राकेश मोदी, अभिषेक काला, विकास जयपुरिया आदि तैयारियों में जुटे हैं।
इसलिए बनाया धाम
वात्सल्य धाम का उदेश्य बच्चों को बेहतरीन जिंदगी देना है। स्कूल शिक्षा के साथ बौद्धिक विकास भी मुख्य आधार होगा। वात्सल्य धाम की ओर से गत वर्ष कर्नाटक की बाहुबली महा मस्तकाभिषेक की 180 यात्रियों की यात्रा का आयोजन किया गया था। गरीब बच्चों को निशुल्क पाठ्यक्रम और असहाय लोगों को निशुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करा चुका है।
इन्होंने दी जमीन
भवन निर्माण के लिए 940 गज जमीन महावीर प्रसाद, महेश कुमार, मनीष कुमार लालास वालों ने माया देवी की स्मृति में प्रदान की है। इसके साथ ही 11 सौ गज जमीन सकल दिगंबर जैन समाज ने उपलब्ध कराई है।





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