करौली. आस्थाधाम कैलादेवी का मेला शुरू होने से पहले ही पंचायत व पुलिस में विवाद शुरू हो गया है, जिससे मेले में यात्रियों के लिएसुविधाओं और व्यवस्थाओं के प्रभावित होने का अंदेशा है। मेले की व्यवस्थाओं की शुरूआत ही नहीं हुई है। इससे पहले ही आपस में टकराव की नौबत आई है। तैयारियों से पहले ग्राम पंचायत और पुलिस के बीच विवाद उभर कर सामने आ रहा है, जिसके कारण न तो अतिक्रमण हट पाए हैंै और न ही पार्किग के लिए रास्ता निकल पाया है।
मेले की तैयारियों को लेकर दो बार हुई बैठक में जिला कलक्टर, मेला मजिस्ट्रेट व उपखण्ड अधिकारी ने पंचायत, पुलिस सहित अन्य विभागों के अधिकारियों को मेले से पहले व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के आदेश दिए थे लेकिन इन आदेशों का अमल हकीकत में नजर नहीं आरहा है।
मेला एक अप्रेल से शुरू हो रहा है जबकि यात्रियों की आवक ३० मार्च से शुरू हो जाएगी। इससे पहले कैलादेवी में रास्ता चौड़ा करने के साथ पंचायत की जमीन को नीलामी के लिए अतिक्रमण मुक्त करना था। लेकिन दोनों कामों की शुरूआत नहीं हुई है।
पंचायत सरपंच फूलवती का कहना है कि पुलिस से लगातार जाप्ता मांग रही है, पर पुलिस जाप्ता नहीं दे रही है। इस कारणएक भी स्थान से अतिक्रमण नहीं हट पाया है। ऐसे में रास्तों व बाजार में अतिक्रमण होने से श्रद्धालुओं को आवागमन में परेशानी होगी। साथ ही पंचायत अपनी भूमि पर नीलामी भी नहीं कर पाएगी।
इसी प्रकार २९ मार्च तक पार्किंग के लिए रास्ता निकलना था। यह रास्ता खेतों में होकर निकलता है। इस कारणअधिकारियों को आपसी समझाइस पर रास्ता निकालना था, जिससे वाहन पार्किंग में पहुंच सके। लेकिन मेला नजदीक होने के बाद भी यह रास्ता निकालने की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है। बताया गया है कि इन दो मुद्दों को लेकर पंचायत व पुलिस में ठन गई है। सरपंच प्रतिनिधि तथा कैलादेवी के थानाधिकारी के बीच सोमवार को मेले की तैयारियों के लिए आयोजित समीक्षा बैठक में विवाद भी हुआ। दोनों एक-दूसरे पर लापरवाही के आरोप लगाए। इस पर मेला मजिस्ट्रेट ने विकास अधिकारी को पुलिस का सहयोग लेकर तत्काल अतिक्रमण हटाने के आदेश दिए। लेकिन मंगलवार को भी अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई नहीं हो सकी।
कालीसिल नदी में नहीं थमी गंदगी
आस्थाधाम की पवित्र नदी कालीसिल लगातार गंदगी जाने से प्रदूषित हो रही है । नदी में गंदगी का प्रवाह रोकने के लिए भी प्लान बनाना था। इसके लिए पंचायत, कैलादेवी मंदिर ट्रस्ट, राजस्व व पंचायत समिति को मिलकर काम करना था। ये सभी कालीसिल की स्वच्छता को लेकर उदासीन रहे हैं। इससे होटल, धर्मशाला तथा घरों की गंदगी नदी में पहुंच रही है। एक अप्रेल से श्रद्धालुओं की आवाक लाखों की संख्या में शुरू हो जाएगी, जिससे नदी में और गंदगी बढ़ेगी। जिला कलक्टर नन्नूमल पहाडिय़ा ने गत दिनों नदी को गंदगी से बचाने के आदेश दिए, इन आदेशों की पालना भी नहीं हुई है।
सड़क की लीपापोती
गंगापुर सिटी मोड से कैलादेवी तक की १७ किलोमीटर की सड़क इस बार बदहाल हालात में है। ऊबड़-खाबड़ सड़क से श्रद्धालुओं के साथ दुर्घटना की आशंका रहेगी। सड़क की मरम्मत के नाम पर सार्वजनिक निर्माण विभाग ने सिर्फ लीपापोती शुरू की है। राजौर,करसाई, मामचारी, कल्याणी तथा पदेवा के पास घटिया स्तर का पेचवर्क किया है, दलापुरा से कैलादेवी रोड पर एक तरफा मोरम डाली जा रही है। इस मोरम में वाहन के फंसने से जाम लगेगा। क्षतिग्रस्त सड़क का मामला गत दिनों से चल रहा था। लेकिन विभाग के अभियंताओं ने इसे गम्भीरता से नहीं लिया। इसी का परिणाम है कि मेले में कुछ दिन ही शेष रहने के बाद भी सड़क की मरम्मत नहीं हो सकी।
व्यवस्थाएं दुरुस्त कर लेंगे
कैलादेवी की आबादी क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने के आदेश दिए थे, जल्द कार्रवाई शुरू होगी। इसके अलावा सड़क व पार्किंग की समस्याओं का समाधान भी किया जा रहा है। मेले से पहले व्यवस्थाएं दुरुस्त कर ली जाएंगी।
मुनिदेव सिंह यादव मेला मजिस्ट्रेट व एसडीएम करौली





No comments:
Post a Comment