नरेन्द्र वर्मा. भीलवाड़ा।
जोधड़ास स्थित आबकारी निरोधक थाने का मालखाना लोकसभा चुनाव को लेकर हथकढ़ एवं नाजायज शराब में लिप्त लोगों के खिलाफ हो रही कारवाई से छोटा पडऩे लगा है। हालात ये है कि आबकारी निरोधक थाने को शराब बनाने के उपकरण, प्रयुक्त वाहन एवं कैनों में भरी शराब रखने के लिए मालखाने के साथ ही बंदियों के लिए बनाई बैरकों की मदद लेनी पड़ रही है। एेसे में आबकारी पुलिस गिरफ्तार अपराधियों को जल्द से न्यायालय में पेश की जेल की हवा खिलाने में जुटी हुई है।
वर्ष 2004 में लोकसभा चुनाव के दौरान गुलाबपुरा क्षेत्र के गांवों में बंटी जहरीली हथकढ़ शराब ने आठ जनों की जान ले ली थी। कई लोगों की आंखों की रोशनी चली गई थी। कंवलियास व अपलियास दुखांतिका के बाद में आबकारी व पुलिस विभाग ने लगातार तस्करों के ठिकानों पर धावे बोले। अब आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर पुलिस व आबकारी निरोधक दस्ते कार्रवाई कर रहे हैं। एक माह में करीब साठ हजार लीटर वॉश नष्ट की जा चुकी है और हजारों लीटर हथकढ़ शराब के ड्रम नष्ट किए जा चुके हैं। नदी, नालों की झाडि़यों, सूने मकानों के बाड़ों में कई सुलगती भट्टियां तोड़ी गई। महुए से बनी कच्ची शराब के दर्जनों ड्रम जब्त किए जा चुके हैं।
गांव-गांव में हथकढ़ ठिकाने
मांडलगढ़, पण्डेर, शाहपुरा, मांडल, जहाजपुर, शाहपुरा, गंगापुर के दर्जनों गांव हथकढ़ व अवैध शराब के गढ़ हैं। भीलवाड़ा में सांगानेर कॉलोनी, पट्टी मार्केट, कुवाड़ा खान, सांसी बस्ती, मालोला, गायत्रीनगर, मारुति कॉलोनी, आरसी व्यास नगर कच्ची बस्ती, आरके कॉलोनी, कांवाखेड़ा, एफसीआई, पटेलनगर, आजादनगर क्षेत्र में भी हथकढ़ शराब के अड्डे हैं। गत एक माह के दौरान यहां बड़ी कार्रवाई हुई। जब्त उपकरणों के कारण आबकारी थाने के मालखाने में ही जगह नहीं रही। एेसे में परिसर में खाली बैरक व अन्य कक्षों में ये उपकरण रखने पड़ रहे हैं।
आबकारी थाने में बढ़ाया जाप्ता
चुनाव को लेकर आबकारी आयुक्त ने सात जवान आबकारी निरोधक थाना शहर में भिजवाए हैं। जिले में भीलवाड़ा, गुलाबपुरा, शाहपुरा, मांडलगढ़, जहाजपुर व गंगापुर आबकारी थाने हैं। इससे पूर्व भीलवाड़ा शहर व ग्रामीण थाने थे। इनमें भीलवाड़ा ग्रामीण थाना समाप्त कर दिया गया।
21 से अधिक हार्डकोर महिला अपराधी
जिले में हथकढ़ शराब में महिलाओं का दबदबा है। ये भट्टिया सुलगाती और अवैध शराब बेचती हैं। जिले में एक समाज विशेष की २१ महिलाएं एेसी हैं, जिनके खिलाफ पांच-पांच से अधिक मामले दर्ज हैं। इनमें एक दर्जन महिलाएं हाडकोर अपराधी की श्रेणी में हैं।
साक्ष्य रखने पड़ रहे सुरक्षित
लोकसभा चुनाव को लेकर आबकारी धावे जारी है। जब्तशुदा अवैध शराब, वाहन व उपकरण रखने के लिए थाने में जगह कम पड़ रही है। बैरक व अन्य कक्ष में उपकरण रखने पड़ रह हैं। ये अपराध साबित करने के साक्ष्य है। एेसे में इन्हें सुरक्षित रखना जरूरी है। आबकारी अधिनियम १९५० के तहत १६-५४ में प्रकरण दर्ज किए जाते हैं। इसमें दस साल तक सजा का प्रावधान है। हथकढ़ शराब बनाने में गुड़ व महुआ प्रयोग किया जा रहा है। कई जगह यूरिया का उपयोग भी पाया गया।
सुरेश चौधरी, थाना प्रभारी, आबकारी निरोधक थाना, भीलवाड़ा





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