गंगापुरसिटी . पॉलीथिन स्वास्थ्य के लिए घातक है। इसके चलते सरकार की ओर से पॉलीथिन कैरीबैग के उपयोग पर प्रतिबंध लगाया हुआ है। इसके बाद भी क्षेत्र में पॉलीथिन के उपयोग पर रोक नहीं लग पा रही है। आम नागरिक हो या दुकानदार दोनों ही सुविधा के नाम पर पॉलीथिन का उपयोग कर रहे हैं। पॉलीथिन रोकथाम की जिम्मेदारी नगरपरिषद पर है, लेकिन वह इसके प्रति गंभीर नजर नहीं आ रही है। नगरपरिषद की ओर से यदा-कदा कार्रवाई कर इसे बिसरा दिया जाता है। ऐसे में पॉलीथिन के उपयोग पर पूरी तरह से रोक नहीं लग पा रही है।
शहर-गांवों में उपयोग
पॉलीथिन का सभी जगह उपयोग हो रहा है। शहर हो या गांव लोग पॉलीथिन का धड़ल्ले से उपयोग कर रहे हैं। खासकर सब्जी मंडी में अधिक उपयोग हो रहा है। अब थोक में सब्जियां पॉलीथिन में आने लगी हैं। वहीं दुकानदार ग्राहकों को सब्जी व फल पॉलीथिन कैरी बैग में दे रहे हैं। अन्य दुकानों पर भी सामान की बिक्री पॉलीथिन में की जा रही है। इसके चलते पॉलीथिन पर रोक नहीं लग पा रही है।
जुर्माने का प्रावधान
प्रतिबंध के बाद पॉलीथिन का उपयोग करने पर जुर्माने के प्रावधान है। पॉलीथिन को वर्ष २०१० में प्रतिबंधित किया गया था। इसके बाद भी लोगों में कानून का डर नहीं है तथा दुकानदार और आम नागरिक पॉलीथिन का खुलेआम प्रयोग कर रहे हैं। नगरपरिषद कभी कभार दुकानदारों के यहां से पॉलीथिन जब्त कर जुर्माना वसूलने की कार्रवाई करती है, लेकिन यह नाकाफी साबित हो रहा है।
पशुओं को भी नुकसानदायी
पॉलीथिन मानव ही नहीं पशुओं के लिए भी नुकसानदायी है। आवारा घूमने वाले पशु पॉलीथिन को खा जाते हैं, जो आंतों में जमा हो जाती है। इससे पशु के पेट में आफरा आ जाता है। इससे कई बार तो पशुओं की मौत भी हो जाती है। कई गोवंश की मौत का कारण पॉलीथिन बन चुकी है।
शीघ्र कार्रवाई करेंगे
पॉलीथिन के उपयोग को रोकने के लिए नगरपरिषद गंभीर है। इस सम्बन्ध में शीघ्र ही कार्रवाई की जाएगी। साथ ही लोगों को जागरूक भी किया जाएगा।
-ऋषि देव ओला, आयुक्त, नगर परिषद गंगापुरसिटी





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