हिण्डौनसिटी. किसानों के खेतों में उपजे गेहूं, चना व सरसों को आगामी एक अप्रेल से समर्थन मिलेगा। सरकार राजफैड़ व एफसीआई के माध्यम से जिंसों की खरीद करेगी। जिलेभर में दो दर्जन से अधिक खरीद केन्द्रों पर किसानों की उपज खरीदी जाएगी। इसके लिए क्रय विक्रय सहकारी समिति व कृषि उपज मंडी समिति प्रशासन ने तैयारियां शुरु कर दी है।
सूत्रों के अनुसार समर्थन मूल्य की खरीद 90 दिन तक चलेगी। सरकार ने गेहूं के लिए 1840, सरसों के लिए 4200 व चना के लिए 4600 रुपए प्रति क्विंटल की दर निर्धारित की हैं। सरसों एवं चना की खरीद के लिए राजफैड व गेहूं की खरीद के लिए एफसीआई द्वारा केन्द्र बनाए जा रहे हैं। किसानों को परेशानी नहीं हो, इसके लिए नजदीकी क्रय विक्रय सहकारी समितियों में ही खरीद केन्द्र स्थापित किए जा रहें हैं। गेहूं, सरसों एवं चने की उत्पादकता को देखते हुए जिले के हिण्डौन में 10, टोडाभीम में 10, करौली में तीन, नादौती व बलुआपुरा में एक-एक खरीद केन्द्र खोले जाएंगे। राजफैड के अधिकारियों के अनुसार किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए जिला स्तर पर उप रजिस्ट्रार कार्यालय एवं राज्य स्तर पर राजफैड में कंट्रोल रूम बनाया गया है।
ऐसे करवा सकेंगे रजिस्ट्रेशन-
क्रय विक्रय सहकारी समिति के सूत्रों के अनुसार समर्थन मूल्य पर उपज को बेचने के लिए किसानों को ई-मित्र केन्द्र पर पहुंच एफसीआइ व राजफैड के पोर्टल पर पंजीकरण कराना होगा। इसके लिए फोटो पहचान पत्र, आधार कार्ड, राशन कार्ड, जॉब कार्ड, लाइसेंस, किसान क्रेडिट कार्ड एवं पासपोर्ट आदि दस्तावेजों में से एक व फसल सबंधी जमाबंदी, किसान पासबुक, गिरदावरी एवं बैंक पासबुक जरूरी होंगे। रजिस्ट्रेशन पांच मार्च से शुरु कर दिए गए हैं।
इनका कहना है
समर्थन मूल्य की खरीद की तैयारियां चल रही है। जल्द ही खरीद केन्द्र स्थापित कर एक अप्रेल से खरीद शुरु की जाएगी। ऑनलाईन पंजीयन शुरु हो चुका है।
-सुरेन्द्र शर्मा, खरीद प्रभारी केवीएसएस, हिण्डौनसिटी।





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