चित्तौडग़ढ़. स्वस्थ होकर फिर से जीवन के लिए बुने सपनों को साकार करने की चाह रखने वाली जिले के कन्नौज गांव की बेटी सरस्वती (स्वाति) गौस्वामी की मदद के लिए भामाशाहों के हाथ आगे बढ़ रहे है। अहमदाबाद के सिविल हॉस्पिटल में मौत से जंग लड़ रही सरस्वती की जिंदगी बचाने के लिए चिकित्सकों ने जल्द से जल्द लीवर ट्रांसप्लान्ट कराने की सलाह दी है। सरस्वती के उपचार के लिए करीब १८ लाख रुपए की जरूरत है। इस सम्बन्ध में शनिवार को राजस्थान पत्रिका ने सरस्वती की जिंदगी को दुआ और दवा की दरकार शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया तो कन्नौज गांव के कई लोग अपने गांव की बेटी की जिंदगी बचाने की मुहिम में जुड़ गए। सरस्वती को बचाने की मुहिम में लगे भदेसर पंचायत समिति सदस्य ओमप्रकाश जाट ने बताया कि पत्रिका में समाचार प्रकाशित होने के बाद शनिवार को कई लोगों ने आर्थिक सहायताकी। उसकी मदद के लिए एक ही दिन में करीब चार लाख रुपए की सहायता राशि जमा हो गई। ये राशि ऑनलााइन जमाा कराई जा रही है। उसकी सहायता के लिए शुक्रवार तक ७ लाख ४७ हजार ३३३ रुपए जमा हुए थे जो शनिवार को एक ही दिन में बढ़कर ११ लाख ४४ हजार रुपए हो गए। जाट ने बताया कि चित्तौडग़ढ़ के पूर्व विधायक सुरेन्द्रसिंह जाड़ावत ने इस मामले में पूरे सहयोग का भरोसा दिया है। उपचार के लिए मुख्यमंत्री सहायता कोष से राशि दिलाने का भी प्रयास किया जाएगा। गौरतलब है कि
मां लीवर देने को तैयार, जरूरत आर्र्थिक सहायता की
मां शांता गोस्वामी अपनी फूल सी बेटी स्वाति को लीवर देने के लिए तैयार है। अपनी बेटी के लिए वह पूरी कोशिश में जुटी है। उसे उम्मीद है कि एक दिन उनकी बेटी फिर से खिलखिलाएगी। स्वाति के उपचार के लिए चिकित्सकों ने करीब १८ लाख (१३ लाख ऑपरेशन और ५ लाख दवाई खर्च) रुपए का खर्च बताया है। जो व्यक्ति मदद करना चाहे वह गरिमा दवे अकाउंट नम्बर: ६९९९४१३५०००८४५२२- यस बैंक आईएफएससी कोड: वायइएसबीओसीएमएसएनओसी पर मदद की राशि जारी कर सकते हैं।





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