जगमोहन शर्मा/जयपुर. कालेधन पर आयकर विभाग का शिकंजा कसता जा रहा है। विभाग ने प्रदेश में 8500 करोड़ रुपए से ज्यादा के कालेधन का खुलासा कर नया इतिहास रचा है, जबकि पिछले वित्त वर्ष में आयकर विभाग ने कुल 1758 करोड़ रुपए का कालाधन उजागर किया था। खास बात यह है कि पिछले वित्त वर्ष कुल 276 छापे और सर्वे किए, जबकि इस वित्त वर्ष केवल 195 कार्रवाई हुई। हाल ही में आई नेशनल काउंसिल एप्लाइड रिसर्च की एक रिपोर्ट के अनुसार भारतीयों का कालाधन 95 फीसदी देश में ही है, जबकि मात्र पांच फीसदी विदेशों में है। इन्वेस्टिगेशन विंग ने पिछले वित्त वर्ष में 276 कार्रवाई में कुल 47.57 करोड़ रुपए का माल जब्त किया था, वहीं चालू वित्त वर्ष में 195 कार्रवाई में ही करीब 90 करोड़ रुपए का माल जब्त कर लिया गया है।
पड़ सकते हैं छापे
नोटबंदी के बाद आयकर विभाग ने देशभर में 18 लाख लोगों को नोटिस भेजे थे, लेकिन अब सरकार इसमें से मात्र 90 हजार लोगों की तहकीकात करेगी। राजस्थान में विभाग ने कुल 5000 लोगों की सूची तैयार की है। लोकसभा चुनावों के बाद आयकर विभाग ब्लैकमनी मेकर्स के खिलाफ छापे की कार्रवाई शुरू कर सकता है।
कुल 88 मुकदमे
विभाग ने आर्थिक अपराध न्यायालय में अब तक 28 मामलों में कुल 88 मुकदमे दर्ज करवाए हैं। जानबूझ कर आयकर रिटर्न जमा नहीं कराने वालों और देरी से आयकर रिटर्न जमा कराने वालों के खिलाफ आईटी एक्ट 276 (सी)(सी) के तहत कुल 81 मुकदमे दर्ज करवाए हैं।
55 करोड़ की ज्वैलरी जब्त
ठिकानों पर दी गई दबिश में बड़े पैमाने पर अवैध ज्वैलरी की बरामदगी में पिछले साल 23.55 करोड़ रुपए और इस वर्ष अब तक 55.27 करोड़ रुपए की जब्ती हुई है।
विभाग के समक्ष आती हैं मुश्किलें
हालांकि प्रमुख अर्थशास्त्रियों का कहना है कि कालाधन उजागर करने में विभाग को कई मुश्किलें आ रही है। मान लीजिए किसी व्यापारी के कई पेट्रोल पंप हैं, जिनका 1 दिन का टर्नओवर 50 लाख है और वो 25 दिन में बैंक में 12.5 करोड़ रुपए जमा कराता है। तो इसमें यह पता लगा पाना मुश्किल है कि कहीं इन 25 करोड़ में कुछ राशि किसी और का कालाधन तो नहीं। इसी तरह अगर कोई डॉक्टर दिन भर में 50 मरीज देखता है और घोषित सिर्फ 20 मरीज करता है तो 30 मरीजों से आने वाला पैसा कालाधन हुआ लेकिन इसे साबित करना मुश्किल होगा।
1250 करोड़ की सम्पत्तियां उजागर
आयकर इन्वेस्टिगेशन विंग ने प्रदेश के साथ साथ देश-विदेश में छुपे कालेधन को भी उजागर किया है। प्रदेशभर में अब तक 1250 करोड़ रुपए से ज्यादा की कुल 377 बेनामी संपत्तियां उजागर हुई हैं, जिनमें से बेनामी संपत्ति इकाई ने कुल 176 बेनामी संपत्तियां चालू वित्त वर्ष में ही उजागर की हैं।
कब, कितना
2018-19: 1,758 करोड़
2017-18: 8,500 करोड़
2017-18 में 47.57 करोड़ रुपए जब्त





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