भीलवाड़ा।
तेजाजी चौक रोड स्थित शहर के सबसे पुराने शीतला माता मंदिर में बुधवार तड़के से मेला भरने लगा। पुजारी रामेश्वरलाल वैष्णव ने बताया कि महिलाओं ने मंदिर में विराजमान शीतला माता, हनुमानजी तथा शिव पार्वती की पूजा अर्चना कर परिवार में सुख-शांति की कामना की। पुलिस लाइन स्थित शीतला माता मंदिर में समेत शहर के अन्य मंदिरों में भी पूजा की गई।
शीतला माता को बासेड़ा से लगेगा भोग
सर्राफा बाजार स्थित मंदिर में भी पूजा की गई हैं। शीतला माता का वाहन गर्दभ (गधा) है। शीतला माता अपने हाथों में झाडू, कलश, नीम के पत्ते धारण करती हैं। शीतला पूजा के बाद पथवारी की पूजा की गई। छोटे बच्चों को आरी, चेचक या अचबड़ा व चर्म रोग सम्बन्धी बीमारी से बचाव की कामना की गई।
महाराणा ने बनाया था मंदिर
मंदिर की स्थापना मेवाड़ महाराणा दरबार भूपाल सिंह ने की थी। प्रथम महन्त सालीगराम पाराशर थे। उसके बाद किशनलाल, कल्याणमल तथा वर्तमान में विश्वनाथ पाराशर पूजा-अर्चना कर रहे हैं। पुराने भीलवाड़ा के चारों ओर परकोटा था। इसमें शीतला माता का एक ही मंदिर यही था। अब कई मंदिर बन चुके हैं। होली के दिन से ही जल चढ़ाना शुरू होता है जो पूरे बैशाख चलेगा। शीतला सप्तमी के दिन तथा दीपावली के बाद मंदिर का चढ़ावा प्रजापत परिवार ले जाते हैं।





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