Breaking News
recent

अंधविश्वास: इलाज के नाम पर छह माह के मासूम को गर्म तार से दागा

भीलवाड़ा।

 

छह माह के बच्चे को निमोनिया होने पर घरवालों ने लोहे के तार को गरम पर पेट पर डाम लगा दिया। आसींद तहसील के शंभूगढ़ थाना क्षेत्र के सोडार के इस मासूम की हालत बिगडऩे पर महात्मा गांधी अस्पताल के मातृ एवं शिशु इकाई में भर्ती कराया गया है।


बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष डॉ. सुमन त्रिवेदी ने बताया कि रोहन (परिवर्तित नाम) की हालत नाजुक है। इस तरह डाम लगाने की घटना गत दिनों मोतीपुरा में भी हुई थी। कई बार एेसी घटनाओं में बच्चों की मौत तक हो जाती है।


जानलेवा है फिर भी जागृति नहीं

 

बच्चे को दागना जानलेवा हो सकता है। पहले से बीमार बच्चे को दागने से सेप्टीसीमिया और टिटनेस जैसे जानलेवा संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।


कठोर नियम फिर भी डर नहीं

 

किशोर न्याय अधिनियम 15 के तहत बच्चों पर इस तरह की क्रूरता पर कार्रवाई का प्रावधान है। इसमें तीन साल की सजा और एक लाख जुर्माना हो सकता है। यह परिजनों की नासमझी की वजह से होता है तथा डाम लगाने वाले कथित विशेषज्ञ गांवों में उपलब्ध होते हैं।

 

कार्रवाई नहीं

 

अंधविश्वास के चलते मासूमों को लोहे के गर्म सरिए से दागने लगातार मामले सामने आने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग और पुलिस एेसा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर पा रहे हैं।

 



Rajasthan Darpan IFTTT

Rajasthan Darpan IFTTT

No comments:

Post a Comment

Powered by Blogger.