अलवर. खाद्य पदार्थों में मिलावट कर मिलावटखोर लाखों-करोड़ों रुपए कमा रहे हैं। यदि उन पर स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई भी होती है तो ज्यादातर पर जुर्माना हजारों रुपए में ही लगता है। ऐसे में उन्हें ये लेश मात्र जुर्माना देने से कोई डर नहीं है।
स्वास्थ्य विभाग ने विगत चार साल में अलवर जिले में 3852 खाद्य पदार्थ प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया है।
इस दौरान खाद्य पदार्थों की जांच के लिए 1959 नमूने लिए गए। जांच में इनमें से 324 नमूने सब स्टैण्डर्ड और 77 मिस ब्रांड पाए गए हैं। वहीं, 96 नमूने जांच में अनसेफ मिले हैं। खाद्य पदार्थों के सब स्टैण्डर्ड, मिस ब्रांड और अनसेफ नमूने मिलने पर 497 फर्मों को नोटिस दिए गए हैं।
135 प्रकरणों में 47.88 लाख रुपए पेनल्टी
विगत चार साल में मिस ब्रांड और सब स्टैण्डर्ड के 135 प्रकरणों में न्याय निर्णायक अधिकारी एडीएम सिटी की ओर से सम्बन्धित फर्मों पर 47 लाख 88 हजार 500 रुपए की पेनल्टी लगाई है। इनमें से कई फर्मों पर लाखों रुपए की पेनल्टी भी लगाई है, लेकिन ज्यादातर पर पेनल्टी हजारों रुपए में ही है।
करीब 70 प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन
जानकारी के अनुसार सब स्टैण्डर्ड और मिस ब्रांड प्रकरणों को न्याय निर्णायक अधिकारी एडीएम सिटी के समक्ष पेश किया जाता है। जबकि अनसेफ प्रकरणों को सीजेएम कोर्ट में पेश किया जाता है। विगत चार साल के 96 अनसेफ प्रकरणों में से करीब 70 प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन हैं।
चार साल में लिए नमूनों की रिपोर्ट
वर्ष निरीक्षण नमूने सब स्टैण्डर्ड मिस ब्रांड अनसेफ
2015 1135 588 100 19 33
2016 984 537 103 37 29
2017 869 430 63 10 19
2018 864 404 58 11 15
कार्रवाई लगातार जारी
स्वास्थ्य विभाग की ओर से मिलावट की रोकथाम के लिए लगातार खाद्य पदार्थों की जांच की जा रही है। अलवर जिले के न्याय निर्णायक अधिकारी के समक्ष पेश प्रकरणों में 135 प्रकरणों में सम्बन्धित फर्मों पर 47 लाख 88 हजार 500 रुपए की पेनल्टी लगाई गई है।
डॉ. ओपी मीणा, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, अलवर।





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