अजमेर।
पुलवामा आतंकी हमले के बाद भारत-पाक के बीच बढ़े तनाव के मद्देनजर ख्वाजा साहब के उर्स में पाक जायरीन जत्था नहीं आएगा। जहां एक ओर विभिन्न सामाजिक संगठन पाक जत्थे का विरोध कर रहे हैं, वहीं एलओसी पर बढ़ते तनाव से पर्यटन व विजिटर वीजा पर आने वाले पाक नागरिकों की संख्या में भी पिछले कुछ दिन में कमी आई है। ख्वाजा साहब की दरगाह के दीवान जैनुअल आबेदीन भी आतंकी हमले के बाद पाक जत्थे का विरोध कर चुके हैं।
3 मार्च को चढ़ेगा उर्स का झंडा
ख्वाजा साहब के उर्स का झंडा 3 मार्च को चढ़ेगा और चांद दिखाई देने पर 7 या 8 मार्च से उर्स शुरू होगा। पुलिस प्रशासन व खुफिया विभाग को पाकिस्तानी जायरीन जत्थे के अजमेर आने के संबंध में कोई सूचना नहीं है। ऐसे में साफ है पाक जत्था नहीं आएगा।
नहीं की गई पुलिस व प्रशासन की ओर से तैयारियां
उर्स में पाकिस्तानी जायरीन के आने की स्थिति में जिला प्रशासन की ओर से नया बाजार स्थित सेंट्रल गल्र्स स्कूल में ठहरने की व्यवस्था की जाती है। वहीं पुलिस व खुफिया एजेंसी को सुरक्षा इंतजाम करने होते हैं। पाक जत्थे के आने की सूचना नहीं होने पर पुलिस व प्रशासन की ओर से तैयारियां भी नहीं की गई है।
- उर्स में पाक जत्थे के आने की कोई सूचना नहीं मिली है। सामान्यतौर पर विजिटर वीजा पर पाक पर्यटक आ जा सकते है। उस पर कोई रोक नहीं है।
कुंवर राष्ट्रदीप, पुलिस अधीक्षक अजमेर





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