जैसलमेर/नोख. स्थानीय आदर्श राजकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र विभागीय उदासीनता व उपेक्षा का दंश झेल रहा है। तीन जिलों की सरहद पर आबाद नोख गांव में स्थित राजकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पीएचसी में दर्जनों गांवों व ढाणियों के लोग अपने उपचार के लिए आते है । हालांकि साढ़े तीन वर्ष पूर्व राजकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र को आदर्श पीएचसी में क्रमोन्नत किया गया, लेकिन यहां पद रिक्तता की समस्या से मरीजों को रूबरू होना पड़ रहा है।
-मरीज हो रहे परेशान, मौजूद नहीं पर्याप्त व्यवस्थाएं
अस्पताल में चिकित्सकों के दो पद स्वीकृत है, जो भरे हुए है। आयुर्वेद चिकित्सक का एक पद रिक्त पड़ रहा है। कंपाउडर के चार पद स्वीकृत है, जिसमें एक पद रिक्त पड़ा है तथा एक कंपाउडर मातृत्व अवकाश पर होने से दो कंपाउडरों की सेवा मिल रही है। इसके साथ ही प्रयोगशाला तकनीशियन का एकमात्र पद रिक्त है। प्रयोगशाला सहायक का एक पद भरा हुआ है। डाटा ऑपरेटर के दो पद भरे हुए है। एएनएम के दो पद भरे हुए है। एलएचए को प्रतिनियुक्ति पर लगाया गया है, जो 15 दिन तक यहां रहती है। फार्मासिस्ट का एक पद भरा हुआ है। चपरासी के तीन पद भरे हुए है । जिससे मरीजों को परेशानी हो रही है ।
न जांच की सुविधा, न आपातकालीन सेवा
प्रयोगशाला तकनीशियन का पद रिक्त होने के कारण यहां जांच के लिए मरीजों को परेशानी होती है तथा बाजार से महंगे दामों में जांच करवानी पड़ती है, जिससे उन्हें परेशानी हो रही है। इसी प्रकार अस्पताल में 104 एम्बुलेंस तो कार्यरत है, लेकिन 108 एम्बुलेंस नहीं दी गई है। ऐसे में क्षेत्र में कहीं पर भी सडक़ दुर्घटना होने पर घायलों को अस्पताल तक पहुंचाने में परेशानी होती है। अस्पताल में शुरू की गई आयुष चिकित्सा भी बंद पड़ी है। ऐसे में मरीजों को इस चिकित्सा सेवा का भी लाभ नहीं मिल रहा है ।





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