दौसा. प्रदेश सरकार ने दुग्ध संकलन केन्द्रों पर दूध बेचने वाले पशुपालकों के लिए मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक सबल योजना (बोनस) के तहत प्रति लीटर 2 रुपए देने की घोषणा तो कर दी, लेकिन पशुपालकों एवं दूध संकलन केन्द्र संचालकों को काफी प्रक्रिया पूरी करने के बाद यह भुगतान मिल पाएगा। जटिल प्रकिया के कारण कई पशुपालक इस योजना में लाभ लेने से वंचित रह सकते हैं।
उल्लेखनीय है कि सरकार ने तीन वर्ष पहले दूध पर प्रति लीटर दिया जाने वाला बोनस बंद कर दिया था। अब नई सरकार की योजना का लाभ प्रदेश की सभी दुग्ध उत्पादक डेयरियों को तो मिलेगा, लेकिन जटिल प्रक्रिया के कारण कम दुग्ध उत्पादकों को लाभ मिल पाएगा।
अब ऐसे मिलेगा भुगतान
पशुपालक को दुग्ध उत्पादक समिति पर दूध ले जाने पर फैट के मूल्य के अतिरिक्त 1 फरवरी 2019 से मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक सबल योजना (बोनस) के तहत प्रति लीटर 2 रुपए मिल रहा है। इस योजना में पेच यह है कि पहले पशुपालक को बैंक में अपना खाता खुलवाना होगा। जिस दुग्ध उत्पादक समिति पर पशुपालक दूध बेचता है, वह अपने सभी ग्राहकों की दस या पन्द्रह दिन के दूध की सूचना बनाएगी। जैसे किसी दूध विक्रेता का पन्द्र्रह दिन में प्रतिदिन 5 लीटर के हिसाब से 75 लीटर दूध हो जाता है।
उसके 15 दिन के 75 लीटर दूध के 150 रुपए हो गए। यह सूचना उत्पादक समिति को डेयरी समिति में भेजनी पड़ेगी। उसके बाद पशुपालक का बैंक खाता नम्बर बताना होगा। इसके बाद यह राशि बैंक खाते में ट्रांसफर होगी।
बैंकों में भी आ रही है दिक्कत
एक दुग्ध उत्पादक समिति संचालक ने बताया कि उन्होंने सूचना दे दी, लेकिन बैंक वाले राशि नहीं डाल रहे हैं। बैंकवालों का कहना है कि कम- कम राशि को अधिक खातों में ट्रांसफर करने में दिक्कत आ रही है। पशुपालकों का कहना है कि यह इस योजना की राशि सीधी डेयरी से ही समितियों के माध्यम से मिलनी चाहिए।
यंू मिलते हैं दूध के दाम
डेयरी ने अब दूध के दामों में 1 मार्च से 40 पैसे प्रति फैट पर बढ़ोतरी कर दी है। अब यदि कोई पशुपालक दूध लेकर आता है और कम से कम 3.5 फैट आई तो 6 रुपए फैट के हिसाब से उसको एक लीटर दूध के 21 रुपए मिलेंगे। इसके अलावा प्रति लीटर 2 रुपए डेयरी फिक्सड के रूप में दे रही है और 2 रुपए मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक सबल योजना (बोनस) के दिए जाएंगे। इस हिसाब से पशुपालक को एक लीटर दूध में 3.5 फैट आने पर प्रतिलीटर के 25 रुपए मिल जाएंगे।
हालांकि अधिक दूध पर अधिक दाम लेना पशु की खुराक पर निर्भर करता है। कई पशुओं के दूध में 7 तो कइयों में 8 फैट भी आ जाती है। यदि किसी के दूध में 8 फैट आ गई तो 6 रुपए प्रति फैट से 48 रुपए तो एक हो गए। इसके अलावा 2 रुपए फिक्सड एवं 2 रुपए मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक सबल योजना के मिलेंगे। ऐसे में उसको एक लीटर पर 52 रुपए मिल जाएंगे।
1. प्रति फैट - 6 रुपए
2. प्रति लीटर फिक्सड - 2 रुपए
3. प्रतिलीटर(मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक सबल योजना)-2 रुपए
4. प्रदेश में डेयरी उत्पादक संघ - 21
5. प्रदेश में दुग्ध उत्पादक समितियां - 11 हजार 500
6. प्रदेश में अनुमानित प्रतिदिन दूध संग्रहण- 30 लाख लीटर
4. प्रदेश में अनुमानित प्रतिदिन दूध बेचने वाले- 5 लाख
डाली जा रही है राशि
जिन दुग्ध उत्पादक पशुपालकों के बैंक खाता नम्बर मिल गए हैं, उनको भुगतान शुरू कर दिया है।शेष का भी भुगतान कराया जा रहा है।
राजीव जैन,
प्रबंधक डेयरी संयंत्र दौसा।





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