Breaking News
recent

जीप-जोंगा के सायलेंसर खोलकर आवाज की तो पाक रेंजर्स टैंक समझ भाग छूटे

दिनेश स्वामी

साल 1971 में हुए भारत-पाक युद्ध का किस्सा सुनाते हुए बीकानेर के कर्नल हेमसिंह की भुजाएं आज भी फडफ़ड़ाने लगती हैं। वे बताते हैं कि उस समय जोधपुर में उनकी टुकडि़यों का नेतृत्व जयपुर के पूर्व महाराजा कर्नल भवानी सिंह ने किया। युद्ध शुरू होने के बाद उनके दो गु्रप एल्फा और चार्ली को पाकिस्तान में घुसकर पीछे से उनके कम्प्यूनिकेशन सिस्टम, रेंजर्स के बटालियन हैड क्वार्टर और ब्रिज और रेलवे सम्पर्क को तबाह करने के लिए दस दिन का टास्क मिला। उन्होंने महज पांच दिन में इस टास्क को पूरा किया।

 

कर्नल शेखावत ने बताया कि ३ दिसम्बर १९७१ को भारतीय सेना की उनकी टुकड़ी को 'स्पेशल फोर्सÓ टास्क मिली। जिसके तहत बाड़मेर से १२५-१२५ सैनिकों के दो गु्रप एल्फा और चार्ली के रूप में अपने जीप-जोंगा गाडि़यों और १० दिन के राशन के रूप में चने, शक्कर, घूघरा और रोटी के साथ रवाना होना तय किया। फाइलन चैकअप के बाद ४ दिसम्बर को किन्नौर के पास से पाकिस्तानी सीमा में प्रवेश किया। पूरी रात चलने के बाद ५ दिसम्बर १९७१ को पाकिस्तान में कीटा पोस्ट पहुंचे। वहां पाक सेना की छोटी टुकड़ी को खदेड़कर आगे बढ़े।

 


६ दिसम्बर की रात और ७ दिसम्बर की सुबह ५ बजे तक चले युद्ध के बाद पाकिस्तान के बटालियन हैड क्वार्टर पर रेड करने में सफल हो गए। पाकिस्तान में ८० किलोमीटर अंदर वीरवा एवं नगर पारकर क्षेत्र में हुए युद्ध का रोचक वाकया आज भी आंखों के सामने तैरता है।

 

जब हमारे गु्रप से कई गुणा ज्यादा संख्या वाले पाकिस्तानी सैनिकों को खदेडऩे के लिए हमने अपनी जीप और जोंगा गाडि़यों के सायलेंसर हटा दिए। साथ ही पीछे आ रही गाडि़यों की हैड लाइटें जलाकर एक कतार में होकर आगे बढऩे के लिए कहा। हमारी सायलेंसर खोली गाडि़यों को इधर-उधर दौड़ाते हुए और पीछे से हैड लाइटों की रोशनी से पाक सैनिक टैंकों के साथ बड़ी तादाद में भारतीय सेना के पहुंच जाने के भय से भाग छूटे। इस दौरान हमने ८० किलोमीटर तक अंदर जाकर पाकिस्तान के संचार साधन और हथियारों के साथ भारत की तरफ बढऩे के रास्ते में आने वाले पुल और रेल लाइनों आदि को तबाह कर पाकिस्तान की कमर तोड़ डाली।युद्ध के दौरान पाकिस्तान के एक बड़े ट्रक, हथियार, १७ पाक सैनिकों को बंदी बनाकर ११ दिसम्बर को बाड़मेर वापस लौटे।



Rajasthan Darpan IFTTT

Rajasthan Darpan IFTTT

No comments:

Post a Comment

Powered by Blogger.