रसद विभाग में बड़ा घालमेल चलता है। ये बताने के लिए विभाग का राठौड़ी फरमान काफी है। विभाग ने सक्षम अधिकारी के हस्ताक्षर बिना ही शहर के 66 राशन डीलरों के लाइसेंस निलम्बन के आदेश निकाल दिए। राशन डीलरों की निलम्बन सूची पर जिला रसद अधिकारी के हस्ताक्षर नहीं है और न ही आदेश पत्र क्रमांक।
शहर के ज्यादातर राशन डीलर अपनी मांगों को लेकर गत 14 फरवरी से हड़ताल पर चल रहे हैं। जिसके कारण खाद्य सुरक्षा के लाभार्थियों को फरवरी माह के गेहूं का वितरण नहीं हो सका। राशन डीलरों के हड़ताल समाप्त कर गेहूं का आवंटन नहीं उठाने पर एक मार्च को जिला रसद विभाग की ओर से शहर के 66 राशन डीलरों के लाइसेंस निलम्बन के आदेश निकाल दिए। हैरत की बात यह है कि राशन डीलरों के लाइसेंस निलम्बन की इस सूची पर विभाग के सक्षम अधिकारी यानि जिला रसद अधिकारी के हस्ताक्षर ही नहीं है। विभाग के इस राठौड़ी फरमान पर न तारीख है और न ही आदेश पत्र क्रमांक अंकित है।
अब तक राशन डीलरों के पास नहीं पहुंचे आदेश
विभाग राशन डीलरों के लाइसेंस फरवरी माह की अंतिम तारीख को निलम्बित करने की बात कह रहा है, लेकिन करीब एक सप्ताह बाद भी उन राशन डीलरों के पास विभाग के आदेश नहीं पहुंचे हैं, जिनके लाइसेंस निलम्बित किए गए हैं।
राशन डीलरों के मान सम्मान को ठेस
ऑल इंडिया फेयर प्राइज शॉप डीलर फैडरेशन अलवर के शहर अध्यक्ष रामू गुर्जर का कहना है कि विभाग की ओर से राशन डीलरों को लाइसेंस निलम्बन के कोई आदेश प्राप्त नहीं हुए हैं। विभाग ने बिना सक्षम अधिकारी के हस्ताक्षर के राशन डीलरों के निलम्बन की सूची जारी कर दी। जिससे राशन डीलरों के मान सम्मान को ठेस पहुंची है।
असमंजस की स्थिति
लाइसेंस निलम्बन के आदेश नहीं मिलने से राशन डीलरों में यह असमंजस की स्थिति बनी हुई है कि उनके लाइसेंस निलम्बित हुए हैं या नहीं। राशन डीलरों का कहना है कि उनकी राशि विभाग के पास जमा है। इसका उनके मोबाइल पर विभाग का मैसेज है और रसीदें भी हैं, लेकिन इसके बावजूद विभाग की ओर से उनकी दुकानों पर राशन का सामान नहीं पहुंचाया जा रहा है।
आदेशों में हस्ताक्षर व पत्र क्रमांक हैं
विभाग की ओर से राशन डीलरों के लाइसेंस निलम्बन की सूची में हस्ताक्षर और आदेश पत्र क्रमांक है या नहीं, इसे दिखवा लेता हूं। वैसे राशन डीलरों को जो आदेश जारी किए गए हैं उनमें हस्ताक्षर और आदेश पत्र क्रमांक अंकित है। वह तहसीलदार के माध्यम से राशन डीलरों तक पहुंचेंगे।
- अमृतलाल, जिला रसद अधिकारी, अलवर।
लाइसेंस निलम्बन के आदेश नहीं मिलने से राशन डीलरों में यह असमंजस की स्थिति बनी हुई है कि उनके लाइसेंस निलम्बित हुए हैं या नहीं। राशन डीलरों का कहना है कि उनकी राशि विभाग के पास जमा है। इसका उनके मोबाइल पर विभाग का मैसेज है और रसीदें भी हैं, लेकिन इसके बावजूद विभाग की ओर से उनकी दुकानों पर राशन का सामान नहीं पहुंचाया जा रहा है।





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