प्रमोद भटनागर
राजसमंद. ग्राम पंचायत खमनोर में हो रहे सीसी सड़क निर्माण में वार्डपंचों ने फर्जीवाड़े व भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। वहीं, ठेकेदार ने इस संबंध में बताया कि वह सरपंच को नहीं जानता, बल्कि सरपंच के जेठ के मौखिक आदेश पर निर्माण शुरू कर दिया है।
पंचायत के राजस्व गांव सोई की भागल में सीसी सड़क निर्माण को लेकर गुणवत्ता व स्वीकृती को लेकर वार्डपंचों ने सवाल उठाये हैं। शुक्रवार को मौके पर पहुंचे वार्डपंच विनोद पालीवाल व विक्रमसिंह ने स्वीकृती को लेकर अनभिज्ञता जताते हुए बताया कि इन कामों के प्रस्ताव कब लिए इसकी जानकारी भी उन्हें नहीं दी गई। साथ ही उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच की मांग भी की है। साथ ही मौके पर बिना रिकॉर्ड के बाहरी मजदूरों द्वारा कराए जा रहे निर्माण को लेकर आपत्ति जताई।
बाहरी मजदूर भी नियमों से अनजान
सीसी सड़क निर्माण में मजदूरी कर रहे बंगाली मजदूर भी नियमों को लेकर अनजान हैं। पंचायत में मस्टरोल में नाम लिखवाने, खाता खुलवाने जैसे नियमों की जानकारी भी मजदूरों को नहीं। उन्होंने बताया कि उन्हें तो ठेकेदार मजदूरी का भुगतान नकद करता है। वहीं, बंगाल निवासी ठेकेदार लालचंद ने बताया कि उक्त निर्माण कार्य के लिए उसकी सिर्फ सरपंच के जेठ भेरूलाल खटीक से बात हुई थी। बताया कि वह सरपंच व सचिव को नहीं जानता। बताया कि उसने मजदूरी का कार्य आठ रुपये स्क्वायर फीट की दर में तय किया हैा और मजदूर पिछले 10 दिन से कार्य कर रहे हैं, लेकिन अभी तक मजदूरी के रुपए नहीं दिए हैं। साथ ही बताया कि मजदूरी का सारा पैसा रोकड़ देने की बात हुई है।
सामग्री वितरण ठेकेदार ने लगाया भ्रष्टाचार का आरोप
पंचयात में निर्माण सामग्री के लिए स्वीकृत ठेकेदार शिवलाल माली ने भी अधिकारियों, उपसरपंच व वार्डपंचों को पत्र लिखकर बताया कि खुद के टेंडर होने के बावजूद निर्माण सामग्री दूसरी फर्म से मंगवाई जा रही है। पत्र में बताया कि सरपंच परिवार द्वारा निजी स्वार्थ के चलते खुद व अन्य फर्म से निर्माण सामग्री खरीदी जा रही है।
दिखवाएंगे मामला
मौके पर जेटीए को भेजकर मामला दिखवाता हूं।
लादूराम, विकास अधिकारी, पंचायत समिति, खमनोर





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