युवाओं में काफी उत्साह
प्रतापगढ़. रंगों के पर्व होली बुधवार को मनाई जाएगी। वहीं धुलंडी का पर्व गुरुवार को मनाया जाएगा। पर्व को लेकर जिलेभर में खासा उत्साह बना हुआ है। होली के त्योहार को लेकर बाजारों में दुकानों पर खासी भीड़ रह रही है। होली को लेकर लोगों ने बाजारों से खाद्य और अन्य सामग्री की खरीदारी की। जिलेभर में होली का पर्व बुधवार और धुलंडी का पर्व गुरूवार को मनाया जाएगा। जिले में वर्षों से रंग तेरस मनाने की परम्परा होने से धुलंडी बहुत कम स्थानों पर ही खेली जाती है। होली के पर्व को देखते हुए बाजार में रंगत परवान पर है। पर्व को लेकर शहर सहित गांवों में होलिका रोपी गई है। शहर में दुकानों पर सामग्री की सजावट की गई।
खेलेंगे ल_मार होली
शहर के निकटवर्ती गांव टांडा में लबाना समाज की ओर से ल_मार होली का आयोजन शुक्रवार को होगा। इस मौके लबाना समाज की ओर से आयोजन होगा। जिसमें समाज के पुरुष नेजा लूटने के दौरान महिलाएं लाठियां बरसाएंगी। इसमें लबाना के समाज के लोग शामिल होते है।
निनोर में अंगारों पर चलेंगे श्रद्धालु
जिले के अरनोद उपखंड के निनोर में पद्मावति माता मंदिर के रंगपंचमी पर आयोजित तीन दिवसीय मेले में अंगारों पर चलकर श्रद्धालु माता के दर्शन करेंगे। मेले के लिए यहां तैयारियां की जा रही है।
बीएसएनल के विरुद्ध प्रस्तुत परिवाद खारिज
प्रतापगढ़ जिला स्थाई लोक अदालत के अध्यक्ष योगेशकुमार शर्मा ने भारत संचार निगम लि. के विरुद्ध दर्ज परिवाद को खारिज करने का आदेश दिया है।इसके साथ ही परिवादी को अर्नगल परिवाद दर्ज कराने से बचने की सख्त हिदायत दी है।
प्रकरण के अनुसार परिवादी नंदलाल लोहारिया ने भारत संचार निगम लि. प्रतापगढ़ के विरुद्ध एक प्रकरण 2015 में इस आशय का प्रस्तुत किया कि उसने बेसिक टेलिफोन नं. 223554 ले रखा है, जो आए दिन खराब रहता है। यह कहते हुए सन् 2014 से 2017 तक लगातार प्रकरण उपभोक्ता मंच में पेश किए थे, जो खारिज हो चुके है। एक प्रकरण बेबुनियाद होने पर उपभोक्ता मंच ने परिवादी पर 5 हजार रुपए कॉस्ट के रुप में आरोपित किए।इसके बावजूद भी नंदनलाल लोहारिया ने एक प्रकरण स्थाई लोक अदालत में पेश किया।जो 5 मई 2016 को निर्णित होकर खारिज हो गया था। जिसे परिवादी ने इसी प्रकरण को 28 जून 2018 को पुन: नम्बर पर लेकर सुनवाई का निवेदन किया। जिसे निर्णित कर खारिज करते हुए स्थाई लोक अदालत ने समस्त तथ्यों, परिस्थितियों का अवलोकन किया। जिसमें यह पाया कि प्रार्थी इस तरह के परिवाद पेश करने का आदी है। परिवाद को टूल बनाकर अनर्गल प्रकरण दायर करता रहता है। जो निश्चित रुप से गलत है।ऐसे मामले में न्यायालय को प्रार्थी के प्रति उदार दृष्टिकोण अपनाना न्यायोचित नहीं है।साथ ही उसे आगाह किया कि भविष्य में किसी भी विभाग के प्रति अनर्गल तथ्यों के आधार पर प्रकरण पेश करेगा तो न्यायालय को उसके विरुद्ध सख्त कार्यवाही किये जाने को विवश होना पड़ेगा। प्रकरण में भारत संचार निगम लिमिटेड की ओर से ललित कुमार भावसार ने पैरवी की। स्थाई लोक अदालत में सदस्य अजयकुमार पिछोलिया, देवेन्द्र कुमार अहिवासी भी शामिल थे।





No comments:
Post a Comment