ठेकेदार तैयार, मजूदरों ने रोका काम,बकाया भुगतान की मांग को लेकर मजदूरों ने काम शुरू नहीं होने दिया,आस्थाधाम कैलादेवी की सड़क का मामला
करौली.आस्थाधाम कैलादेवी की मॉडल सड़क के निर्माण के लिए प्रयासरत जिला प्रशासन व सार्वजनिक निर्माण विभाग के अभियंताओं ने ठेकेदार को निर्माण के लिए राजी कर लिया, लेकिन अब मजदूरों ने बकाया भुगतान की मांग को लेकर विरोध जताना शुरू कर दिया है। जिससे निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया। उल्लेखनीय है कि कैलादेवी की १६ करोड़ रुपए की लागत से स्वीकृत सड़क का निर्माण बजट के अभाव में ठेकेदार ने बंद कर दिया है। जिससे सड़क खस्ताहाल में है। गत दिनों कैलादेवी मेले की तैयारी के लिए आयोजित बैठक में मुद्दा उठने तथा राजस्थान पत्रिका में समाचार प्रकाशित होने पर सार्वजनिक निर्माण विभाग के अभियंताओं ने ठेकेदार से बात कर निर्माण शुरू कराने की गुहार लगाई। जिला प्रशासन के अधिकारियों ने बजट जल्द स्वीकृत कराने का विश्वास ठेकेदार को दिलाया। अधिकारियों के आश्वासन पर ठेकेदार मेले से पहले सड़क का कुछ निर्माण कराने पर सहमत हो गया। सड़क का कार्य शुरू करने के लिए ठेकेदार के कर्मचारी अतेवा गांव में बने प्लांट पर पहुंचे। इसका पता चलने पर मजदूर तथा अन्य व्यवस्थाओं में लगे लोग प्लांट पर आए, उन्होंने ठेकेदार के कर्मचारियों से बकाया भुगतान की मांग की, जिस पर उन्होंने कहा कि बजट मिलने के बाद भुगतान किया जाएगा। इससे नाराज मजदूरों ने स्पष्ट तौर पर कहा कि बकाया भुगतान होने के बाद ही काम शुरू होने दिया जाएगा। मजदूरों के विरोध के चलते ठेकेदार के कर्मचारी बैरंग लौट गए।
अधिकारियों ने को नहीं सूझ रहा रास्ता
कैलादेवी मेले की तैयारियों के तहत जिला प्रशासन को बीच में डाल सार्वजनिक निर्माण विभाग ने ठेकेदार को राजी कर लिया। लेकिन मजूदरों के अंडग़ा लगाने के बाद काम अटक गया है। इसकी रिपोर्ट विभाग के उच्च अधिकारियों को भेज दी गई है। वहां से भी निर्माण को शुरू कराने का रास्ता नहीं सूझ रहा है। शुक्रवार को दिन भर अधिकारी इधर-उधर की भागदौड़ करते नजर आए। लेकिन बजट के अभाव में खाम शुरू नहीं हो पाया।
बेहद जर्जर है रास्ता
गंगापुर सिटी मोड से कैलादेवी की १७ किलोमीटर सड़क का रास्ता बेहद खराब है। पदेवा, कल्याणी,मामचारी, करसाई, राजौर गांव के पास गहरे-गहरे गड्ढे है। जिससे आए दिन दुर्घटना की आशंका रहती है। दलापुरा गांव से लेकर खोहरी तक एक हिस्से में सड़क बन गई, दूसरा हिस्सा ऊबड़-खाबड़ है। इस कारण वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कैलादेवी मेले में लाखों की संख्या में श्रद्धालु पैदल तथा वाहनों से आएंगे। इस ऊबड़-खाबड़ से दुर्घटना की आशंका रहेगी।
मजदूरों ने अटका दिया
बजट नहीं होने के बाद भी ठेकेदार काम के लिए तैयार हो गया। लेकिन अब मजदूर काम शुरू नहीं होने दे रहे हैं। वे बकाया भुगतान की मांग कर रहे हैं। अधिकारियों को इसकी रिपोर्ट भेज दी है।
रामवतार वर्मा सहायक अभियंता सार्वजनिक निर्माण विभाग करौली।





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