टोडा. होली के बाद गणगौर की पूजा कर रही नवविवाहिताओं व युवतियों ने बुधवार को कुम्हार के घर से मिट्टी की गणगौर लाकर पूजा की। नवविवाहिताओं ने सुहाग के दीर्घायु तथा युवतियों ने अच्छे वर की कामना को लेकर पूजा की। होली के बाद से १६ दिन तक चलने वाला गणगौर का मुख्य पर्व ८ अप्रेल को मनाया जाएगा। ७ को सिंजारा होगा। इस दौरान गांव में गणगौर का मेला लगेगा तथा सवारी निकाली जाएगी।
श्रीमाधोपुर. कस्बे सहित आसपास के क्षेत्र में बुधवार को घर-घर में रांधा-पुआ पर्व मनाया गया। गुरुवार को रांधा पुआ तैयार किए गए पकवानों का ठंडा भोग शीतला माता की पूजा अर्चना कर चढ़ाया जाएगा और लोग ठंडा पकवान ही खाएंगे।
पुष्पादेवी शर्मा ने बताया कि बुधवार को रांधा पुआ पर घरों में दूसरे दिन खराब नहीं होने वाले राबड़ी, पूआ, पूरी, पापडी, कान्जी, सकरपारा, नमकीन, गूंजी, पेठा हलुआ सहित अन्य पकवान बनाए। महिलाएं सामूहिक रूप से रसोईघर में दिनभर पकवान बनाने में व्यस्त रही। गुरुवार को बास्योड़ा पर सवेरे महिलाएं शीतला माता मंदिर में इन पकवानों का भोग लगाएंगी। जो लोग मंदिर नहीं पहुंच पाएंगे, वे अपने घरों के बाहर शीतला माता का प्रतीक बनाकर भोग लगाएंगे। बास्योड़ा पर गणगौर पूजने वाली महिलाएं बालिकाएं भी शीतला माता मंदिर में पूजा अर्चना करेंगी।
प्रीतमपुरी. महिलाएं शीतला माता को ठण्डे पकवानों का भोग लगाएंगी। पौराणिक मान्यता के अनुसार माता शीतला के रूप में रास्ते के पत्थर को माता का रूप मानकर पूजा करने व ठंडे पकवान खाने से साल भर घर में शीतलामाता की कृपा बनी रहती है।
वैज्ञानिक मान्यता के अनुसार यह शीत ऋतु का अन्तिम दिन है इस दिन तक ही लोग ठण्डा भोजन कर सकते हैं, इसके बाद ठण्डा भोजन करने से बीमारियों को बुलावा देने के बराबर हो जाता है तथा नवविवाहिताएं इसी दिन से बड़ी गणगौर मनाती है जिसके लिए वह आज के दिन कुम्हार के घर से मिट्टी के ईसर व गणगौर की प्रतिमा बनवाकर लाती है।।





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