श्रीमाधोपुर.
कस्बे के रेलवे स्टेशन के सामने सोमवार सुबह शराब ठेके के ऊपर बने कमरे में एक युवक फंदे पर झूलता मिला। मृतक बेल्ट के फंदे से लटका मिला और पांव जमीन पर टीके होने से मौत का संशय बना हुआ है। युवक शराब ठेके के एक सेल्समैन के साथ सोया था। जब सुबह सात बजे सेल्समैन की आंख खुली तो देखा कि मृतक फंदे से लटका हुआ है। इसके बाद उसने आफसेट प्रिंटिंग प्रेस के मालिक को सूचना दी। उधर थानाधिकारी लालसिंह यादव ने बताया कि सूचना पर शव को नीचे उतार कर सरकारी अस्पताल में रखवाया और परिजनों को सूचना दी। श्रीमाधोुपर से तीन किमी की दूरी पर बस्सी गांव का निवासी मृतक लोकेश प्रिंटिंग प्रेस में काम करता था। मृतक रोजाना गांव से प्रेस पर काम करने आता-जाता था, लेकिन लोकेश रविवार की रात ऑफसेट पर देर तक काम करने के बाद पास ही स्थित ठेके के ऊपर बने कमरे में ठेके के सेल्समैन के साथ सोने चला गया था।
उधर, परिजनों ने युवक की हत्या का संदेह जताते हुए आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की और अस्पताल के बाहर सडक़ पर जाम लगा दिया। करीब 20 मिनट बाद पहुंचे रींगस सीओ रामनिवास सूण्डा, तहसीलदार नइम्मुदीन ने मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाकर निष्पक्ष जांच करने का आश्वासन पर जाम खुलवाया। मृतक के पिता रामनायण ने रिपोर्ट दी है कि उसका बेटा लोकेश ऑफसेट प्रिटिंग प्रेस में तीन साल से काम कर रहा था। लोकेश की रविवार रात 9 से 9.30 बजे परिजनों से मोबाइल पर बात हुई थी। लोकेश ने बताया था कि वह प्रिटिंग प्रेस से आधे घंटे बाद घर बस्सी गांव आ जाएगा। रात को लोकेश घर पर नहीं आया तो सुबह परिजनों ने लोकेश के मोबाइल पर बात की तो पुलिस से उसकी मौत की जानकारी मिली। मृतक के पिता रामनारायण ने शक जताया है कि उसके बेटे की हत्या की गई है। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया है कि उनके आने से पहले ही शव का पोस्टमार्टम कर दिया गया।
पुलिस ने मेडिकल बोर्ड बनाकर पोस्टमार्टम करने भेजा तो परिजनों ने बाहर से डाक्टर बुलाकर पोस्टमार्टम कराने की बात को लेकर फिर से रास्ता जाम कर दिया। उधर पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए जाम हटाकर बात करने का आग्रह किया। मौके पर पहुंचे पूर्व विधायक झाबर सिंह खर्रा ने पीडि़त परिवार से वार्ता की और बीसीएमओ डॉ जेपी सैनी को बुलाकर एक चिकित्सक दूसरे अस्पताल से मंगवाने की बात कही। डॉ. सैनी ने एक चिकित्सक रींगस से बुलाकर फिजिशियन डॉ एस.के. वार्मा के नेतृत्व में डॉ सुरेन्द्र जांगिड़ व डॉ.महेन्द्र ***** की मेडिकल टीम से शव का पोस्टमार्टम करवाकर शाम पांच बजे शव परिजनों को सौंपा। करीब 11 घंटे बाद मामला शान्त हुआ।
तीन भाइयों मे सबसे बड़ा था लोकेश
मृतक लोकेश के पिता रामनारायण सैनी ने बताया कि वह तीन भाइयों में सबसे बडा बेटा था व एक निजी कॉलेज में बीए अंतिम वर्ष की पढ़ाई कर रहा था। मृतक के पिता रामनारायण हलवाई का काम करते हैं जिनका पिछले दिनों सडक़ हादसे में पांव टूट गया था उसके बाद पूरे घर की जिम्मेदारी लोकेश के कंधों पर थी। इसलिए लोकेश पढ़ाई के साथ-साथ प्रिटिंग प्रेस पर काम कर परिवार का खर्चा भी चला रहा था।





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