जखोड़ा गांव में आगे आएंगी खेल प्रतिभाएं
झुंझुनूं. बदलाव की बयार अब गांवों में भी बह रही है। नए भारत के निर्माण के लिए युवाओं के साथ रिटायर्ड अधिकारी भी आगे आ रहे हैं। देश को सर्वाधिक सैनिक देने वाले जिलों में शामिल झुंझुनूं में एक रिटायर्ड थानेदार ने अपनी पेंशन की पूरी राशि युवाओं के खेल स्टेडियम में खर्च कर दी।
दिल्ली पुलिस से रिटायर्ड उप निरीक्षक जगदीश प्रसाद झाझडिय़ा ने जखोड़ा गांव में खेल स्टेडियम का निर्माण करवाया है। स्टेडियम पर उन्होंने अब तक करीब 32 लाख रुपए खर्च कर दिए हैं। इतना ही नहीं उनके नाम से जीवन बीमा निगम की चार पॉलिसी थी, उनको भी तुड़वाकर उन्होंने करीब तीन लाख रुपए स्टेडियम में लगवा दिए। बुडानिया गांव निवासी जगदीश प्रसाद मार्च 2018 में रिटायर हुए थे। उन्होंने बताया कि जब भी एशियन गेम्स, विश्व चैम्पियनशिप या ओलम्पिक होते हैं तो भारत में अमूमन हरियाणा के खिलाड़ी ज्यादा पदक जीतते हैं। क्योंकि वहां खेल की अच्छी सुविधाएं हैं। झुंझुनूं जिले के खिलाड़ी हरियाणावालों से किसी भी क्षेत्र में कम नहीं है। लेकिन उनको खेल सुविधाएं नहीं मिल पाती। गांवों से भी खेल प्रतिभाएं देश-विदेश में नाम कमाए, इसलिए उन्होंने स्टेडियम बनवाया है। यह स्टेडियम एक हजार फीट लम्बा व पांच सौ फीट चौड़ा है। आधी जमीन सरकारी विद्यालय के खेल मैदान की है, जबकि आधी सरकारी भूमि है। यहां चारदीवारी, मुख्य दरवाजा, समतलीकरण व सीढिय़ों का निर्माण पूरा हो गया है। यहां फुटबॉल मैदान, वॉलीबाल, बास्केटबॉल, टेनिस व अन्य खेलों के मैदान बनाए जा रहे हैं। इसमें जखोड़ा के सुरेश शर्मा बागपुरा के सरदाराराम ने भी आर्थिक सहयोग किया है। इसके अलावा अब अन्य ग्रामीण भी आगे आ रहे हैं। झाझडिय़ा खुद के गांव में सौ फीट ऊंचा तिरंगा भी अप्रेल 2018 को लगवा चुके। झाझडिय़ा का बेटा संदीप एक्साइज में निरीक्षक है। बड़ी बेटी एक विवि में सहायक प्रोफेसर तथा दूसरी नौकरी की तैयारी कर रही है।
लोकार्पण तीन को
जगदीश प्रसाद ने बताया कि स्टेडियम का लोकार्पण तीन मार्च को सैनिक कल्याण बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष प्रेमसिंह बाजौर, विधायक जेपी चंदेलिया, आइपीएस राजीव पचार, द्रोणाचार्य आवार्डी खिलाड़ी महासिंह राव, रिटायर्ड आइपीएस रामकुमार वर्मा व महावीर नाथ योगी करेंगे।





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