अनूपगढ़.
तहसील क्षेत्र की ग्राम पंचायत पतरोड़ा सहित अन्य इलाकों में गन्ने की फसल तैयार हो चुकी है । इसके साथ ही गन्ने से गुड़ बनाने का काम पारम्परिक तरीकों से शुरू कर दिया गया है। किसानों ने कोल्हू चलाकर गन्ना पिराई शुरू कर दी है। गन्ने के रस को बड़ी-बड़ी कढाइयों में उबालकर तथा ठंडा कर गुड़ बनाया जा रहा है। खेत से गन्ना काटने के बाद उसके पत्ते अलग कर ट्रैक्टर के माध्यम से कोल्हू चलाया जा रहा है। इस तरह पिराई कर गन्ने का रस निकाला जा रहा है। उसे कढ़ाई में डालकर घंटो गर्म कर गाढा किया जाता है। उसके बाद किसी अन्य बर्तन में रखकर हाथों से छोटे-छोटे लड्डू तैयार किए जाते हैं।
क्षेत्र के किसान महेन्द्र ङ्क्षसह ने बताया कि हम गुड़ तैयार कर रहे हैं। यह गुड़ बिना केमिकल तैयार किया जाता है। इसमें शुद्ध सरसों का तेल डाला जाता है । इससे गुड़ मुलायम रहता है तथा इसमें हलका लाल रंग मिलाकर इसे तैयार किया जाता है। क्षेत्र में ताजा गुड़ की मांग होने से भाव अच्छा मिलता है।





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