चित्तौडग़ढ़. राजस्थान प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालय अध्यापक सीधी भर्ती-2018 के अंतर्गत गैर अनुसूचित क्षेत्र एवं अनुसूचित क्षेत्र में अध्यापक लेवल द्वितीय में विभिन्न पदों पर चयनित अभ्यर्थियों की काउंसलिंग कराने के लिए शिक्षा विभाग की अपनी सुविधाओं के लिए बच्चों को पढ़ाई बाधित कर दी है। जिला शिक्षा अधिकारी ने बच्चों की आधी छुट्टी में पूरी छुट्टी करने का निर्देश दिए। मंगलवार को शहीद मेजर नटवरसिंह स्कूल में सामाजिक विज्ञान, हिंदी व संस्कृत की काउंसलिंग की गई। काउंसलिंग में आए अभ्यर्थियों को दूसरे दिन भी परेशानी का सामना करना पड़ा।मंगलवार को सामाजिक विज्ञान में ३२, हिंदी में ११८ व संस्कृत के तीन अभ्यर्थियों को बुलाया गया था। प्रधानाचार्य गणेश पूर्बिया ने बताया कि डीईओ के आदेश से बच्चों को पोषाहार के बाद छुट्टी की है। विज्ञान व गणित विषय के अभ्यर्थियों की काउसलिंग बुधवार को होगी।
न एलईडी लगाई न माइक की व्यवस्था
पसंदीदा स्कूल का चयन करने पहुंचे अभ्यर्थियों को परेशान होने का दौर मंगलवार को जारी रहा। पहले जानकारी के अभाव में दस्तावेज सत्यापन करना समय से पहले ही आ गए थे। उसके बाद कई अभ्यर्थी कई दिन से चित्तौड़ में रहना पड़ रहा है। काउंसलिंग के दौरान न तो एलईडी लगाई गई और नहीं माइक की व्यवस्था की गई। एलईडी के बजाए वहां कमरे के बाहर लिस्टे चस्पा कर रखी है। अभ्यर्थी जब चस्पा सूची देखने जाते तो वहां पर तैनात कर्मचारी उनको दूर भगा रहे थे ऐसे में अभ्यर्थी को इसकी पूरी जानकारी नहीं मिल पा रही थी कि किस स्कूल का चयन कर लिया गया है। एडीईओ गणेशदास वैष्णव ने बताया कि इस संबंध में हमे कोई निर्देश नहीं मिले।
स्कूल की जुटा रहे मेप और गुगल से जानकारी
काउंसलिंग स्थल पर कई अभ्यर्थी स्कूलों की जानकारी जुटाते रहे। बीकानेर जिले से आई एक महिला अभ्यर्थी अपनी कार में मेप पर पसंदीदा स्कूल को ढूंढती दिखी। वहीं कई अभ्यर्थी गुगल पर सर्च कर पसंदीदा स्कूल की दूरी देखते दिखे। अभ्यर्थी सुबह से जबतक काउंसलिंग नहीं हुई तब तक कागजों पर स्कूलों का चयन करते रहे।
बैठने के लिए दरियां भी नहीं
काउंसलिंग के दौरान अभ्यर्थी को बरामदे में लाइनों में बैठाया गया। इस अभ्यर्थियों को नीचे बैठने के लिए अभ्यर्थियों के लिए दरियों की व्यवस्था भी नहीं थी।
काउंसलिंग के बाद भी भटकते रहे अभ्यर्थी
काउंसलिंग के बाद भी कई अभ्यर्थी भटकते हुए दिखे। अभ्यर्थी को इस बात की जानकारी नहीं मिल पा रही थी काउंसलिंग के बाद वे घर जा सकते है या नहीं।इसके लिए अभ्यर्थी काउंसलिंग स्थल और डीईओ कार्यालय के बीच चक्कर लगाते दिखे।





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