बीकानेर. ग्रामीण क्षेत्रों से मजदूरी करने शहर आने वाले मजदूरों के लिए अब वर्कर्स (मजदूर) हॉस्टल बनेंगे। इससे गांव से शहर आने और शाम को फिर गांव जाने में मजदूरों को होने वाली समस्याओं का समाधान हो सकेगा। मजदूर इस हॉस्टल में चाहे जितने दिन निशुल्क रह सकेंगे। इन हॉस्टलों में आश्रय स्थलों वाली सभी सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। हॉस्टल में रहने के दौरान मजदूरों को खाना बनाने के लिए गैस सिलेण्डर, चूल्हा, बर्तन आदि उपलब्ध करवाए जाएंगे। नगर निगम दीनदयाल अन्त्योदय राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन (डे-एनयूएलएम) के तहत शहर में दो स्थानों पर वर्कर्स हॉस्टल बनाएगा। इसके लिए निगम गजनेर रोड पर चुंगी नाका के पास और शहर के बीच स्थान चिह्नित करेगा।
५० के रहने की सुविधा
डे-एनयूएलएम के जिला प्रबंधक अनन्त कृष्ण पारीक के अनुसार वर्कर्स हॉस्टल में ५०-५० मजदूरों के रहने की व्यवस्था होगी। हॉस्टल में रहने के लिए मजदूर को ठेकेदार से काम करने का प्रमाण पत्र देना होगा। पारीक के अनुसार हॉस्टल में घर की तरह सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी।
मॉडल आश्रय स्थल बनाने की तैयारी
पारीक ने बताया कि नगर निगम की ओर से रेलवे स्टेशन के पास आश्रय स्थल को मॉडल आश्रय स्थल बनाया जाएगा। इसमें सोलर पैनल और रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी। यहां पलंग, गद्दे-रजाई, हीटर, कूलर, गीजर, आरओ, वाटर कूलर, टीवी, सीसीटीव कैमरा आदि की सुविधाएं पहले से उपलब्ध हैं। निगम की ओर से वर्तमान में रेलवे स्टेशन के पास, सैटेलाइट अस्पताल परिसर, निजी बस स्टैण्ड और बीछवाल फायर स्टेशन में आश्रय स्थल संचालित हैं।
महिला आश्रय स्थल भी बनेगा
महिलाएं ही रहेंगी, प्रबंधन भी महिलाओं के हाथ
निगम शहर में महिला प्रबंधित आश्रय स्थल का संचालन करेगा। इस आश्रय स्थल में केवल महिलाएं ही रहेंगी। आश्रय स्थल की प्रबंधक, केयर गिवर्स और सफाई कर्मचारी महिलाएं होंगी। महिला आश्रय स्थल के निर्माण के लिए स्थान चिह्नित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्रबंधक नीलू भाटी ने बताय कि ५० से १०० बिस्तर के आश्रय स्थल की योजना है। भाटी के अनुसार महिला आश्रय स्थल को पीबीएम अस्पताल परिसर में जनाना अस्पताल के पास शुरू करने की कोशिश की जा रही है। इससे अधिक महिलाओं का इसका लाभ मिल सकेगा।





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