आहोर. जहां एक ओर पुलिस व परिवहन विभाग की ओर से समय-समय विशेष अभियान चलाकर वाहन चालकों को यातायात नियमों की पालना करने की हिदायत दी जाती है वहीं दूसरी ओर वाहन चालक बेखौफ होकर यातायात नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं।ओवरलोड वाहनों के संचालन से लोगों की जान सांसत में रहती है, लेकिन पुलिस व परिवहन विभाग मूकदर्शक बने हुए हैं।कस्बे में रविवार रात ओवरलोड जा रहे एक ट्रोलर से ग्रेनाइट ब्लॉक लुढ़ककर गिर गया। रात का समय होने से हादसे में जनहानि से बचाव हो गया, लेकिन मौके पर कोई होता तो बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता था। जानकारी के अनुसार रविवार रात्रि में कस्बे में निजी बस स्टैण्ड के समीप आहोर-तखतगढ़ राजमार्ग स्थित मुख्य तालाब के समीप पुलिया पर हादसा हुआ।एक तेज रफ्तार ट्रेलर से मोड़ में भारी भरकम ग्रेनाइट ब्लॉक असंतुलित होकरगिर गया। वाहन की रफ्तार इतनी तेज थी कि कई टन वजनी भारी भरकम ग्रेनाइट ब्लॉक पुलिया को तोड़ते हुए करीब चालीस फीट दूर झाडिय़ों तक पहुंच गया। हादसे में सड़क मार्ग, पुलिया व पुलिया की दीवार क्षतिग्रस्त हो गए। गनीमत रही कि रात्रि की वजह से कोई वाहन या राहगीर भारी भरकम ग्रेनाइट स्लैब की चपेट में नहीं आया, अन्यथा एक बड़ा हादसा घटित हो जाता। ब्लॉक जहां जाकर ठहरा है उसके पास ही केबिन बने हुए हैं, वहां तक पहुंचता तो कई केबिन क्षतिग्रस्त हो सकते थे। जहां यह हादसा हुआ यहां से मात्र सौ फीट की दूरी से आबादी क्षेत्र शुरू हो जाता है। जहां आस-पास दुकानें होने से दिन में वाहनों व लोगों का काफी आवागमन रहता है।
फिर भी जिम्मेदार नहीं दे रहे ध्यान
कस्बे समेत क्षेत्र में ओवरलोड वाहनों का आवागमन जोरों पर है। वाहन चालक अधिक कमाई करने के चक्कर में यातायात नियमों का मखौल उड़ाते हुए लोगों की जान को खतरे में डाल रहे है। ओवरलोड वाहनों की वजह से सड़कों पर आए दिन हादसे घटित होते रहते है, लेकिन इसके बावजूद भी जिम्मेदार विभाग इसे गंभीरता से नहीं ले रहे।क्षेत्र समेत जिलेभर में ओवरलोड वाहनों से आए दिन हादसे घटित हो रहे हैं।
पुलिस के सामने से गुजर रहा ओवरलोड
क्षेत्र में कई जीप, ऑटो रिक्शा एवं बस चालक भी अधिक कमाई करने के चक्कर में यातायात नियमों की अवहेलना कर रहे हैं, लेकिन पुलिस व परिवहन विभाग इन पर लगाम नहीं कस रहा। हर रोज आबादी क्षेत्र व पुलिस थाने के सामने से गुजर रहे इन वाहनों को रोकने की कवायद नहीं की जा रही। तखतगढ़ रोड पर आबादी क्षेत्र स्थित पुलिस थाने के सामने से हर रोज ग्रेनाइट स्लेब से ओवरलोड भरे ट्रक तथा अन्य ओवरलोड वाहन गुजरते हैं। इसके बावजूद पुलिस इसे नजरंदाज कर रही है। कस्बे में निजी बस स्टैण्ड से कस्बे में जाने वाले मार्ग जो कि पूर्ण रूप से आबादी क्षेत्र में स्थित है से दिनभर ओवरलोड़ ट्रकों समेत अन्य वाहनों का आवागमन होता है। बजरी, पत्थरों व अन्य सामान से ओवरलोड वाहनों का यहां से दिनभर आवागमन होता है। यह मार्ग आबादी क्षेत्र में है लेकिन बाइपास रोड होने के कारण यहां काफी संख्या में वाहनों की आवाजाही रहती है।
हर वक्त हादसे की आशंका
कस्बे के दशरथ खारवाल ने बताया कि ग्रेनाइट स्लेब से भरे कई ट्रक प्रतिदिन कस्बे से गुजरते है। ट्रक में ग्रेनाइट स्लेब का काफी हिस्सा बाहर की तरफ ही रहता है। ऐसे में ये स्लेब कभी भी ट्रक से गिरकर हादसे को आमंत्रित कर सकते है। ओवरलोड जीप, टैक्सी व बसों का भी आवागमन जोरों पर हो रहा है। पुलिस व परिवहन विभाग को इनके खिलाफ उचित कार्रवाई
करनी चाहिए।
इसलिए ट्रोलर से लुढ़कते हैं ब्लॉक
इस तरह के हादसे होने का एक अहम कारण यह सामने आा रहा है कि ट्रोलर में रखे ब्लॉक को किसी तरह से बांधकर नहीं रखा जाता। बंधन नहीं होने से मोड में असंतुलित होकर ब्लॉक लुढ़क जाते हैं। इस तरह से ब्लॉक का परिवहन करना भी गलत है, लेकिन परिवहन विभाग इस ओर ध्यान नहीं दे रहा। हालांकि विभागीय अधिकारी ओवरलोड वाहन चलने से इनकार कर रहे हैं, लेकिन असुरक्षित रूप से चल रहे वाहनों को रोकने का भी प्रयास नहीं हो रहा। ऐसे में हादसों की रोकथाम नहीं हो पा रही।
जिम्मेदारों को नजर नहीं आते
बिना किसी बेल्ट से बांधे ब्लॉक रखे वाहन आए दिन आबादी क्षेत्र से गुजर रहे हैं। आहोर व जालोर शहर समेत विभिन्न जगहों सेआसानी से पार हो जाते हैं, लेकिन जिम्मेदारों को नजर नहीं आ रहे। ब्लॉक लुढ़कर पास से गुजर रहे किसी अन्य वाहन पर गिरने का हर समय अंदेशा बना रहता है। कोई बाइक या अन्य हल्का वाहन इसकी चपेट में आ जाए तो कचूमर बनते देर नहीं लगेगी।
खतरा बन रहे ग्रेनाइट लदे ओवरलोड ट्रक
कस्बे में आबादी क्षेत्र से प्रतिदिन गुजरते भारी भरकम ग्रेनाइट स्लेब से ओवरलोड भरे ट्रक आमजन के लिए खतरा बने हुए है। ये ट्रक चालक जहां अपने वाहनों में ओवरलोड ग्रेनाइट स्लेब भरकर यातायात नियमों की धज्जियां उड़ा रहे है वहीं लोगों की जान को भी खतरे में डाल रहे है। ग्रेनाइट स्लेब से भरे ये ट्रक हादसे का सबब बने हुए है। कस्बे से गुजर रहे आहोर-जालोर सड़क मार्ग पर ग्रेनाइट स्लेब से भरे इन ट्रकों का आवागमन पिछले लंबे समय से हो रहा है। इन ट्रकों ग्रेनाइट स्लेब को आवरलोड भरा जाता है। एक ट्रक में भारी भरकम दो से तीन ग्रेनाइट स्लेब भर दिए जाते है। ग्रेनाइट स्लेब को ट्रक में इस प्रकार लदा जाता है कि स्लेब का कुछ हिस्सा पीछे तथा दोनों साइड में ट्रोली से बाहर रहता है। मार्ग पर दौड़ते ये ट्रक हादसे का पर्याय बने हुए है। आबादी क्षेत्र से भी ट्रक तेज गति से गुजरते है। ऐसे में ट्रक में लदे ग्रेनाइट स्लेब असंतुलित होकर गिर जाते हैं।
कार्रवाई करेंगे...
& सुरक्षित रूप से नहीं चल रहे वाहनों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वाहनों में ब्लॉक को बेल्ट से बांधने के लिए पाबंद किया जाएगा।
प्रेमराज खन्ना, जिला परिवहन अधिकारी, जालोर





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