प्रमोद भटनागर
रेलमगरा. सड़क एक राष्ट्रीय सम्पति है, जिसकी सुरक्षा के साथ इस पर सुरक्षित चलना सभी की साझी जिम्मेदारी है। सड़क पर चलने वाले प्रत्येक व्यक्ति को इसका ज्ञान हो तभी स्वच्छ, सुन्दर एवं सुरक्षित भारत की कामना पूर्ण होगी।
यह विचार सड़क सुरक्षा मंत्रालय भारत सरकार से आए प्रोजेक्ट मैनेजर वीरेन्द्रसिंह राठौड़ ने व्यक्त किए। वे शनिवार को कस्बे में अशोक लीलेण्ड द्वारा संचालित चालक प्रशिक्षण केन्द्र के सभागार में आयोजित जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा हितधारकों की सुरक्षा कार्यशाला में बोल रहे थे। राजस्थान सड़क सुरक्षा शिक्षा एवं जागृति मिशन, हिन्दुस्तान जिंक लि., राजस्थान सड़क सुरक्षा सोसायटी के सानिध्य में आयोजित कार्यशाला में उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा की सामान्य जानकारी समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने के लिए जमीनी स्तर पर प्रयास करने की आवश्यकता है। प्रदेश में होने वाली सड़क दुर्घटनाओं में राजसमंद जिला अग्रणी स्थान पर है। जिले में सर्वाधिक सड़क दुर्घटनाएं राष्ट्रीय राजमार्ग पर हुई है। रेलमगरा क्षेत्र के विभिन्न गांवों में सर्वे कराया गया,य जिसमें वाहन चालकों द्वारा वाहन चलाते समय बरती जाने वाली लापरवाही सामने आई है। जागृति अभियान के तहत वर्ष 2019 में इन आंकड़ों में 10 फीसदी कमी लाने के संकल्प को लेकर यह जागृति अभियान शुरू किया गया है। उन्होंने जानकारी देते हुए कहा कि पायलेट प्रोजेक्ट के तहत नेशनल हाईवे पर कैमरे लगाने की योजना शुरू कर दी गई है। इससे गति सीमा के आंकड़े संकलित किए जाएंगे। वहीं, यह भी बताया कि थाना क्षेत्र में होने वाली प्रत्येक सड़क दुर्घटनाओं के डेटा अब शीघ्र संधारित करने के लिए नियम बनाया गया है। साथ ही इन दुर्घटनाओं की संख्या आमजन तक प्रदर्शित करने के प्रयास भी किए जा रहे हैं। कार्यशाला को जिला परिवहन अधिकारी अनिल पाण्डे, थाना अधिकारी योगेन्द्र व्यास, सिविल न्यायालय के न्यायाधीश नरेन्द्र गहलोत, तहसीलदार सुन्दरलाल बम्बोरा, सानिवि के अधिशासी अभियंता नारायण लाल वर्मा, ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेन्द्र शर्मा, डीएवी विद्यालय के प्राचार्य दिव्येन्दुसेन शर्मा ने भी विचार व्यक्त किए। जिंक के प्रशासनिक अधिकारी कर्नल जे.के. चौधरी, सीएसआर अधिकारी अभय गौतम, एसएन टेलर विशिष्ट अतिथि थे। कार्यशाला के दौरान सड़क सुरक्षा के जागृति अभियान में सर्वश्रेष्ठ भूमिका का निर्वहन करने वाले गवारड़ी, दरीबा एवं राजपुरा के विद्यालयों को प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार प्रदान किए गए।
हेलमेट की कीमत आधी
कार्यशाला के दौरान प्रोजेक्ट मैनेजर राठौड़ ने बताया कि सामान्य बीमा कम्पनियों के सहयोग से दो पहिया वाहन चालकों के लिए हेलमेट की राशि भी आधी कर दी गई है, जिसमे आई.एस.आई. मार्का वाली हेलमेट आधी कीमत पर उपलब्ध होगी। इस पर सड़क सुरक्षा के संदेश लिखे रहेंगे।





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