Breaking News
recent

काबू में क्यों नहीं आ रहा स्वाइन फ्लू



चित्तौडग़ढ़. जिले में स्वाइन फ्लू का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग भले ही स्वाइन पर नियंत्रण के दावे कर रहा हो, लेकिन लगातार सामने आ नए रोगी विभाग के दावों की पोल खोल रहे हैं। स्वाइन फ्लू पर नियंत्रण में चिकित्सा विभाग नाकाम साबित हो रहा है। रविवार को जिला कलक्टर के निजी सहायक सहित लोगों में स्वाइन की पुष्टि होने के बाद चिकित्सा विभाग में हडकंप मच गया है। स्वाइन फ्लू के इस वर्ष अब तक ३४ रोगी मिल चुके है और इनमें से अब तक तीन रोगियों की मौत हो चुकी है।
जिला मुख्यालय पर रविवार को तीन मरीजों में स्वाइन पुष्टि होने के बाद चिकित्सा विभाग की टीम हरकत में आई और मरीजों के इलाके में टीम भेजकर सर्वे कराया। जिला मुख्यालय पर जिला कलक्टर के निजी सहायक, पूर्व विधायक के निजी सहायक सहित एक अन्य व्यक्ति के स्वाब की जांच में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। हालांकि विभाग का दावा है कि तीनों मरीजों की हालात सामन्य है। एक मरीज का इलाज अहमदाबाद में किया जा रहा है, वहीं दो मरीजों का इलाज जिला चिकित्सालय में किया जा रहा है। स्वाइन फलू की पुष्टि होने के बाद नेहरुनगर, प्रतापनगर व शास्त्रीनगर में विभाग की टीम ने घर-घर सर्वे कर टेमी फ्लू की गोलियां वितरित की। चिकित्सा अधिकारियों की मानें तो स्वाइन फ्लू का बढऩे का प्रमुख कारण तापमान में लगातार हो उतार-चढ़ाव है।
दो माह में आगे निकल गए इस वर्ष के आंकड़े
गत वर्ष स्वाइन फ्लू के जितने रोगी पॉजीटिव मिले थे उससे ज्यादा रोगी तो इस वर्ष दो माह में ही मिल चुके है। वर्ष २०१८ में २४५ सेंपल लिए थे जिसमें २७ पॉजीटिव थे जिसमें सात रोगियों की मौत भी हुई थी। इस वर्ष एक जनवरी से २४ फरवरी तक २०५ सेंपल लिए जिसमें से ३४ पॉजीटिव रोगी मिल गए है। हालांकि जिले के लिए राहत की खबर यह है कि इस वर्ष स्वाइन से मौत का आंकड़ा पिछले साल के मुकाबले कम है।
संदिग्ध मरीज भी खा सकते हैं दवा
टेमीफ्लू टेबलेट 75 मिलीग्रामए 45 एवं 30 मिलीग्राम में उपलब्ध है। चिकित्सकों का कहना है कि तेज नाक बहने, लगातार खांसी और सांस फूलने जैसे लक्षणों में दवा देनी चाहिए। इससे निमोनिया बनने से पहले मरीज को बचाया जा सकता है।
इन बातों को रखें ध्यान
-खांसी या छींक आए, तो मुंह को ढक लें।
-लगातार हाथ धोने से स्वाइन फ्लू से बचने में मदद मिल सकती है।
- फलोंं और सब्जियों का उपयोग पानी से धोने के बाद करें।
-भीड-भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें।
-अगर भीड-भाड़ वाली जगहों पर जाते हैं, तो फ्लू मास्क पहनें।
-स्वाइन फ्लू के सामान्य लक्षण विकसित होने पर शीघ्र डॉक्टर से परामर्श लें।
रोग के लक्षण
-सर्दी, हल्का बुखार,गले में खरास, शरीर एंव सिर में दर्द व उल्टी दस्त।
-तेज बुखार तथा गले में तेज दर्द। यह रोग विशेष कर पांच वर्ष से छोटे बच्चे, गर्भवती महिलाएं, 6 5 वर्ष अधिक आयु के बुजुर्ग को अधिक हो सकता है।
-सांस लेने में तकलीफ, सीने में दर्द, चक्कर आना, बीपी कम होना, थूक के साथ खून आना, नाखून का नीला पडऩा, बच्चों में चिड़चिड़ापन एंव भूख नहीं लगना आदि रोग के लक्षण है।

करवाया है सर्वे
तीन मरीजों की रिपोर्ट पॉजीटिव आने पर नेहरू नगर, प्रतापनगर, शास्त्रीनगर में चिकित्सा टीम को भेजकर सर्वे कराया है। तीनों की हालात सामान्य है।
मधुप बक्षी, पीएमओ, जिला अस्पताल चित्तौडग़ढ़



Rajasthan Darpan IFTTT

Rajasthan Darpan IFTTT

No comments:

Post a Comment

Powered by Blogger.