पुलिस ने छह आरोपियों को किया गिरफ्तार
जमीन हड़पने के लिए बनाया फर्जी आधार व पासपोर्ट, बेचान भी कर दी
बालोतरा . पचपदरा पुलिस ने सोमवार को जालसाजी से जमीन की रजिस्ट्री करवा बेचने के मामले का पर्दाफाश करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने इनको कोर्ट में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया। आरोपियों ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पासपोर्ट तक बना लिए थे।
पचपदरा थाने में 16 जुलाई 2018 को फर्जी दस्तावेजों व दूसरा व्यक्ति को पेश कर रजिस्ट्री करवा 50 बीघा जमीन हड़पने का मामला दर्ज हुआ था। इस मामले में थानाधिकारी सरोज चौधरी के नेतृत्व में गठित टीम ने जांच शुरू की। जांच में पुलिस ने तहसील कार्यालय में पेश हुए व्यक्ति की पहचान नाथूराम पुत्र नपाराम भाट निवासी बिड़ा (झाड़ोल, उदयपुर) के रूप में की। पुलिस ने नाथूराम से पूछताछ की तो उसने स्वयं को हरजी पुत्र सुरता भाट निवासी खेड़ बताया। पुलिस के सख्ती करने पर उसने अपना असली नाम बताया। आरोपी से दस्तावेज मांगे तो वह अपने कोई दस्तावेज पेश नहीं पाया और बताया कि उसके मूल दस्तावेज बाबुराम, करनाराम नाई, राणाराम व कमलेश संकलेचा ने ले रखे हैं। वहीं जब रजिस्ट्री पर लगे फोटो से जॉब कार्ड कों मिलना किया तो जालसाजी की पोल खुल गई, दोनों फोटो नाथूराम ही थे, जबकि रजिस्ट्री में जमीन का बेचानकर्ता हरजी पुत्र सुरता भाट खेड़ है।
ये था मामला : पचपदरा थाने में दर्ज मामले में समदाराम पुत्र खीमाराम भाट निवासी सांभरा हाल सिणगारी (रोहट पाली) ने रिपोर्ट पेश कर बताया कि उसके दादा सुरताराम सहित चारों भाइयों के नाम से खेड़ गांव में 25-25 बीघा जमीन थी। इसमें से उसके दादा के भाई लक्ष्मणराम एवं भैराराम ने अपने हिस्से की 50 बीघा जमीन बेचान कर दी थी। उसके दादा सुरताराम व हरजीराम की 50 बीघा जमीन उनके हिस्से में थी। उसके दादा सुरताराम की 23 मई 1997 व हरजीराम की 5 जुलाई 2014 को मौत हो गई थी। राजस्व रेकर्ड में भूलवश हरजीराम, सुरताराम पुत्र अणदाराम के बजाय दोनों भाईयों का नाम हरजी पुत्र सुरता भाट दर्ज हो गया था। इस पर 1 साल पहले राजस्व रेकर्ड में नाम दुरस्त करवाने व हरजी एवं सुरता की मृत्यु के नामांतरण करवाने गए तो पता चला कि यह जमीन तो हरजी बन कर किसी ने बेच दी।
ये रहे टीम में शामिल : थानाधिकारी सरोज चौधरी के नेतृत्व में हैड कांस्टेबल राकेश कुमार, सुरतानसिंह, कांस्टेबल प्रवीण कुमार, दुर्गाराम, रूपाराम शामिल थे।
यूं रचा षड्यंत्र : जमीन के खातेदार हरजी व सुरता के रिश्तेदार बाबूराम, किस्तुराराम व मोहनराम को इनकी जमीन की जानकारी थी। इनके वारिस जमीन की देखभाल नहीं कर रहे थे, एेसे में उनकी नियत बदल गई। इन्होंने करनाराम नाई से मिल जमीन हड़पने की योजना बनाई और नाथूराम को योजना में शामिल कर लिया। इन सबने मिलकर नाथूराम जो कि खेड़ में अपनी बेटी के पास रहता था और मजदूरी करता था, उससे कागजात मांगे। आधार में पहले नाम, इसके पिता का नाम और बाद में पता परिवर्तित करवाया। इस फर्जी आधार का हवाला देकर राशन कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, पैन कार्ड भी हरजी के नाम से बना दिए। बैंक खाता भी खुलवा दिया। ये सभी कागजात हरजी पुत्र सुरता के नाम से बनने के बाद पासपोर्ट बनवा लिया। इसके बाद नाथूराम को हरजी पुत्र सुरता के रूप में फर्जी तरीके से तहसील में पेश कर 50 बीघा जमीन की रजिस्ट्री बनवा ली। उन्होंने जमीन को आगे 3 बीघा पुनमदेवी पत्नी कमलेश संकलेचा निवासी पचपदरा, 42 बीघा देवेन्द्र जैन पुत्र आनंद कुमार निवासी गुडग़ांव व 5 बीघा एक अन्य व्यक्ति को बेच दी।
पुलिस ने इन आरोपियों को किया गिरफ्तार
पुलिस ने जमीन की फर्जी दस्तावेजों से रजिस्ट्री करवाने के मामले में मुख्य आरोपी करनाराम पुत्र हीराराम नाई जसोल, नाथूराम पुत्र नपाराम भाट झाड़ोल, कमलेश संकलेचा पुत्र देवीचंद जैन पचपदरा, बाबूराम पुत्र राणाराम भाट खेड़, किस्तुराराम पुत्र अम्बाराम भाट खेड़ व मोहनराम पुत्र जोराराम भाट खेड़ को गिरफ्तार किया।





No comments:
Post a Comment