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आयुर्वेद चिकित्सा जीवन का विज्ञान, संभाग स्तरीय आरोग्य मेले का आगाज

करौली. यहां मुंशी त्रिलोकचन्द माथुर स्टेडियम में मंगलवार से आयुर्वेदिक विभाग की ओर से चार दिवसीय संभाग स्तरीय आरोग्य मेले शुरू हुआ। कांग्रेस जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश मामू ने फीता काटकर मेले का विधिवत उद्घाटन किया। साथ ही प्रदर्शनी का अवलोकन कर आयुर्वेदिक विभाग की गतिविधियों की जानकारी ली। इस मौके पर आयोजित कार्यक्रम में ओमप्रकाश मामू ने आयुर्वेदिक पद्धति को चिकित्सा क्षेत्र में श्रेष्ठ बताया। कहा कि यह प्राचीन पद्धति है, जिसके जरिए बीमारी का बेहतर उपचार संभव है। उन्होंने जिले में आयुर्वेदिक को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री से चर्चा करने की बात कही।

विभाग के भरतपुर में अतिरिक्त निदेशक वासुदेव मित्तल ने मेले की जानकारी देते हुए कहा कि आसपास के जिलों के मध्य में करौली होने से यह मेला यहां आयोजित किया जा रहा है। जयपुर से आए सहायक निदेशक बालगोविन्द गुप्ता ने जानकारी दी कि वर्ष 2014 से आरोग्य मेले की जयपुर से शुरूआत हुई थी, उसके बाद से प्रत्येक वर्ष संभाग स्तर पर मेले का आयोजन किया जा रहा है।

गुप्ता बोले कि आयुर्वेद चिकित्सा ही नहीं, बल्कि जीवन विज्ञान है। इसको समझकर स्वस्थ्य जीवन जीया जा सकता है। विभाग के सवाईमाधोपुर के उपनिदेशक गिर्राज तिवाड़ी ने कहा कि मेले का प्रमुख उद्देश्य आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति को जन-जन तक पहुंचाना है। विभाग के करौली उपनिदेशक डॉ. सुनीत जैन ने धन्यवाद ज्ञापित किया। वहीं डॉ. सुरेश अटल ने कहा कि आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति करीब पांच हजार वर्ष पुरानी है। इस पर अनेक रिसर्च हो चुके हैं, जो अन्य पद्धति के मुकाबले बेहतर है। उन्होंने मेले में होने वाली गतिविधियों पर प्रकाश डाला।

स्काउट संघ के ओपी मंगल ने भी आयुर्वेद चिकित्सा को बेहतर बताया। इस मौके पर जिला कांग्रेस कमेटी के महामंत्री अनिल शर्मा, उद्योसिंह एडवोकेट, हाजी रुखसार अहमद सहित चिकित्सा विभाग के रोशनसिंह डागुर, धौलपुर उपनिदेशक भूदेव शर्मा, भीमसिंह मीना, पूर्व अतिरिक्त निदेशक गिरधारीलाल, कृष्ण गोपाल शुक्ला, संर्कषण वशिष्ठ, नन्दकिशोर शर्मा सहित अन्य मौजूद थे। मंच संचालन डॉ. राजेन्द्र मुद्गल ने किया।

होंगे व्याख्यान सत्र व योग-प्रणायाम
आयुर्वेद विभाग के उपनिदेशक सुनीत चन्द जैन ने बताया कि आरोग्य मेले में भरतपुर, धौलपुर, करौली, सवाईमाधोपुर जिलों के अधिकारी-कर्मचारियों के लिए व्याख्यान सत्रों का आयोजन होगा। मेले में आमजन एवं बच्चों के लिए सुबह 7 से 8 बजे तक योगाभ्यास एवं प्रणायाम का अभ्यास कराया जाएगा। वहीं आयुर्वेद के विभिन्न थैरेपियों कपिंग थैरेपी, न्यूरोपैथी, पंचकर्म, स्नेहन, स्वेदन द्वारास संधीशूल ग्रधसी, कटिशूल, ग्रीवा मूल, हाथ पैर सुन्न रहना, जकड़ाहट आदि रोगों की नि:शुल्क चिकित्सा एवं औषधि उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा मेले में होम्योपैथिक एवं यूनानी चिकित्सकों की भी क्लीनिक रहेगी। मेले में जड़ी-बूटियों की जानकारी रखने वालों को वनौषधियों की स्टॉल लगाई गई हैं।



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