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दूर बैठे टीबी रोगी नजदीकी अस्पतालों में होंगे ट्रांसफर

जालोर. टीबी रोग से ग्रसित मरीज अब प्रदेश में कहीं भी दवा ले सकेंगे। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने ऑन लाइन मॉनिटरिंग सिस्टम डवलप किया है। इसके तहत मरीज की आइडी बनाई जा रही है तथा इस सिस्टम से जुड़े मरीज अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से सुविधाओं का लाभ ले सकते हैं। टीबी रोगियों को तत्काल राहत देने के लिए यह सिस्टम कारगर साबित हो रहा है। जी हां, राज्य सरकार की ओर से टीबी रोगियों को बेहतर उपचार मुहैया कराने के लिए इस तरह का सिस्टम डवलप किया जा रहा है। इसके तहत प्रदेश भर में टीबी रोगियों की ऑनलाइन मॉनिटरिंग की जा रही है। निक्सय योजना के तहत स्वास्थ्य विभाग ने क्षय रोगियों की आइडी तैयार की है। इसके जरिए वे कहीं भी पंजीकृत हो सकते हैं तथा अपनी सुविधा के अनुसार नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर पंजीयन ट्रांसफर करवाकर दवाइयां ले सकते हैं।
कारगर साबित होगा सिस्टम
घर से दूर रहते हुए टीबी से ग्रसित होने वाले मरीज पहले मुश्किल में रहते थे। अपने कार्य स्थल से घर जाने पर उन्हें दवाइयों या चिकित्सकीय परामर्श के लिए दिक्कत हो रही थी। इस सिस्टम के बाद मरीज यदि कई दिनों के लिए कार्यस्थल से घर या घर से कार्य स्थल के लिए जाना चाहता है तो अपनी आइडी ट्रांसफर करवा सकते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले मरीजों के लिए यह सिस्टम बेहद कारगर साबित होगा।
इस तरह से होगा पंजीयन
पूर्व में टीबी रोगियों को अपने इलाके के पीएचआई (पैरीफेरल हेल्थ इंस्टीट्यूट) पर जाकर ही अपना पंजीयन कराना पड़ता था, लेकिन अब रोगियों की ऑनलाइन रियल टाइम मॉनिटरिंग करने की योजना बनाई गई है। इसके तहत प्रदेश के किसी भी पीएचआई पर क्षय रोगी का पंजीयन किया जा सकेगा। पंजीयन के बाद पीएचआई पर रोगी का कार्ड बनाने के साथ ही एक आइडी नम्बर भी जारी किए जाएंगे।
टीबी पर जल्द लगेगा अंकुश
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े बताते हैं कि जिले में लगभग ढाई हजार मरीज टीबी से ग्रसित है। इसमें नए व पुराने मरीज शामिल है। इन सभी को ऑनलाइन सिस्टम से जोड़ा जा रहा है। बताया जा रहा है कि कई लोग निजी अस्पतालों में उपचार लेते हैं। ऑनलाइन मॉनिटरिंग होने पर मरीज सीधे ही सरकारी अस्पताल से जुड़कर उपचार की सुविधा ले सकेंगे। इससे टीबी पर जल्द ही अंकुश लग सकेगा।
इस तरह होंगे ट्रांसफर
योजना के तहत अब टीबी रोगी के कार्ड व पंजीयन को प्रदेश के किसी भी पीएचआई पर ऑनलाइन ट्रांसफर किया जा सकेगा। इसके लिए रोगी की ओर से एक प्रार्थना पत्र संबंधित पीएचआई पर देना होगा। इसमें जिस अस्पताल के लिए जाना चाहता है उसका नाम दर्शाना होगा। इसके बाद उसे स्थानांतरित किया जा सकेगा।
डवलप कर रहे हैं...
इस तरह का ऑनलाइन मॉनिटरिंग सिस्टम डवलप कर रहे हैं, जिससे टीबी रोगियों को उपचार की और अच्छी सुविधा मिलेगी।
- डॉ. सुरेशकुमार, जिला क्षयरोग नियंत्रण अधिकारी, जालोर



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