-श्रीकृष्ण-सुदामा की कथा ने किया भाव विभोर
श्रीकरणपुर.
नेहरू पार्क में चल रही श्रीकृष्ण कथा के समापन पर रविवार को यज्ञ किया गया। पुजारी चक्रपाणि ने मंत्रोच्चारण कर यज्ञ करवाया। गोशाला अध्यक्ष खेमचंद गोयल, मानव सेवा समिति अध्यक्ष डॉ.हजारीलाल मुटनेजा, व्यापार मंडल के पूर्व अध्यक्ष दुलीचंद मित्तल आदि ने आहुतियां देकर इलाके की सुख शांति की कामना की।
इससे पहले करीब तीन घंटे तक चली कथा में आचार्य ऋषिकृष्ण गिरि ने श्रीकृष्ण-सुदामा का प्रसंग सुनाया। उन्होंने कहा कि मित्रता सभी रिश्ते नातों से ऊपर है। सच्ची दोस्ती में ऊंच नीच या अमीरी गरीबी नहीं देखी जाती। श्रीकृष्ण जानते थे कि कुछ मांगने से सुदामा का स्वाभिमान आहत होगा। इसलिए सुदामा के कुछ मांगने से पहले उसकी पोटली में बंधे कच्चे चावल खाकर प्रभु ने उसे दो लोकों का स्वामी बना दिया।
गायक सत्य सांवरिया ने सुन मेरे यार सुदामा रे भाई बड़े दिनां में आया और अरे द्वारपालो कन्हैया से कहदो रचना सुनाकर भाव विभोर कर दिया। सेवादार किशन शर्मा, इंद्रजीत मुंजाल, दीपक गर्ग आदि ने व्यवस्थाएं संभाली।





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